प्रदर्शनों से निपटने के तरीके पर फोरम ने जतायी चिंता
इटानगर, 23 अक्टूबर (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश सियांग इंडिजिनस फार्मर्स फोरम के प्रवक्ता टैगोरी माइज़ ने शुक्रवार को प्रस्तावित 'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों से निपटने के तरीके पर चिंता जताते हुए उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के इस्तेमाल, उनके अस्पताल में भर्ती होने और सियांग जिले में सशस्त्र बलों की बढ़ती तैनाती पर सवाल उठाए।
आज बंद के दौरान हुए घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आंसू गैस के इस्तेमाल पर चिंता जताई। खबरों के अनुसार, कई प्रदर्शनकारियों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। उन्होंने स्थिति से निपटने के सरकार के तरीके पर सवाल उठाया और प्रस्तावित परियोजना का विरोध कर रहे लोगों की मांगों की ओर ध्यान दिलाया और दावा किया कि इसमें लगभग पांच महिला भी गंभीर रूप से घायल बातायी गयी हैं।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज शिकायत वापस ले ली जाएंगी, माइज़ ने ज़मीनी स्तर पर सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सियांग जिले में सशस्त्र बलों की तैनाती कम होने के बजाय और बढ़ गई है।
माइज़ ने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन की शुरुआत से ही लोगों के फोन को टैप (सुनना/रिकॉर्ड करना) किया जा रहा है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश सरकार पर फूट डालो और राज करो की नीति अपनाने का आरोप लगाया।
सियांग जिले में गांव के विकास के नाम पर 2.5 लाख रुपये आवंटित किए जाने की खबरों पर, माइज़ ने इस पहल और परियोजना से जुड़ी चिंताओं के बीच संबंध पर सवाल उठाए।
माइज़ ने 'आदि बाने केबांग' से भी अपील की कि वे क्षेत्र में कोई भी सम्मेलन आयोजित करने से पहले के मुद्दे को प्राथमिकता दें। उन्होंने संगठन से आग्रह किया कि वे प्रस्तावित परियोजना पर अपना रुख स्पष्ट करें और बताएं कि वे इस बांध का समर्थन करते हैं या विरोध।
ये बयान प्रस्तावित परियोजना के खिलाफ लगातार विरोध और राज्य सरकार से अधिक जवाबदेही की मांग को दर्शाते हैं। फोन टैपिंग, सरकार की कथित नीति और 'सेव सियांग' पेज के इस्तेमाल को लेकर माइज़ द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

