प्रभावित ग्रामीणों को नियमों के अनुसार ज़मीन का मुआवज़ा देने की अपील
इटानगर, 08 सितंबर (हि.स.)। नॉर्थ ईस्ट ह्यूमन राइट्स ने पूरे अरुणाचल प्रदेश में फ्रंटियर हाईवे प्रोजेक्ट से प्रभावित ग्रामीणों को नियमों के अनुसार ज़मीन का मुआवज़ा न मिलने पर चिंता जताई है।
आज यहां मीडिया से बात करते हुए नॉर्थ ईस्ट ह्यूमन राइट्स के चेयरपर्सन एबो मिली ने बताया कि उन्हें कई ज़िलों, खासकर वेस्ट कामेंग, लोअर सुबनसिरी, दिबांग वैली और अंजाव जिलो से फ्रंटियर हाईवे प्रोजेक्ट से प्रभावित ग्रामीणों की कई शिकायतें मिली हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि राज्य सरकार और खासकर ज़मीन प्रबंधन विभाग, 'ज़मीन अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम' के तहत मुआवज़े की रकम का भुगतान नहीं कर रही है।
इस मामले में ग्रामीणों ने कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया और कोर्ट ने भी विभाग को नियम के अनुसार रकम का भुगतान करने का निर्देश दिया, लेकिन अधिकारी कोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं कर रहे हैं। संबंधित अधिकारियों के साथ कई बैठकें होने के बावजूद, यह मुद्दा अभी भी अनसुलझा है।
प्रभावित ग्रामीणों ने अब हमसे संपर्क किया है और संगठन से आग्रह किया है कि वह राज्य सरकार के सामने उनकी शिकायतें उठाए और नियमों के अनुसार उचित मुआवज़ा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार 27 सितंबर तक इस मामले को हल नहीं करती है, तो ग्रामीणों ने इटानगर में बंद का आह्वान करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है।
ग्लेशियर झील के फटने से आने वाली बाढ़ के जोखिम और निचले इलाकों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए एबो मिली ने कहा कि राज्य सरकार को सतर्क रहने और संवेदनशील इलाकों में जोखिम का सही आकलन, आपदा की तैयारी और प्रभावी सुरक्षा उपाय करने की ज़रूरत है।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

