भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी समारोह के समापन में शामिल होंगे प्रधानमंत्री मोदी
गुवाहाटी, 23 अक्टूबर (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित वर्षव्यापी समारोहों के भव्य समापन कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। नई दिल्ली के भारत मंडपम में 29 नवंबर, 2026 को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को दिसपुर स्थित लोक सेवा भवन में शताब्दी समारोह समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री मोदी इस अवसर पर महान संगीतकार और सांस्कृतिक विभूति डॉ. भूपेन हजारिका को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। साथ ही उनके सम्मान में शुरू किए गए नए राष्ट्रीय पुरस्कार ‘भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका पुरस्कार’ प्रदान करेंगे।
समापन समारोह में देशभर से लगभग 5,000 प्रशंसकों, विशिष्ट अतिथियों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के शामिल होने की संभावना है। इस अवसर पर प्रसिद्ध गायिका कविता कृष्णमूर्ति, गायक एवं संगीतकार शंकर महादेवन तथा गायिका श्रेया घोषाल अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से महान कलाकार को संगीतमय श्रद्धांजलि देंगे।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने समिति के सदस्यों से समारोह को यादगार और भव्य बनाने के लिए सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से डॉ. हजारिका की कलात्मक प्रतिभा, उनकी कालजयी रचनाओं और सार्वभौमिक संदेश को व्यापक अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
डॉ. सरमा ने कहा कि वर्षभर चले समारोहों का समापन ऐसे सांस्कृतिक व्यक्तित्व के सम्मान के अनुरूप होना चाहिए, जिनकी रचनात्मक प्रतिभा ने असम के साथ-साथ पूरे देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया। उन्होंने मानवता, सद्भाव और विश्व बंधुत्व के उनके संदेश को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने तथा संगीत, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने पर जोर दिया।
ब्रह्मपुत्र के बार्ड के नाम से प्रसिद्ध डॉ. भूपेन हजारिका ने अपने संगीत और मानवीय दर्शन के माध्यम से भौगोलिक एवं सांस्कृतिक सीमाओं को पार करते हुए लोगों को जोड़ने का काम किया। प्रस्तावित समापन समारोह को भारतीय सांस्कृतिक विरासत में उनके अतुलनीय योगदान और स्थायी विरासत के उत्सव के रूप में आयोजित किया जाएगा।
बैठक में शिक्षा मंत्री डॉ. रनोज पेगू, राजस्व मंत्री केशव महंत, पशुपालन, पशु चिकित्सा एवं मत्स्य पालन मंत्री नीलिमा देवी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा मृदा संरक्षण मंत्री अश्विनी राय सरकार, प्रभारी मुख्य सचिव अजय तिवारी, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और शताब्दी समारोह समिति के सदस्य के रूप में राज्य की कई प्रमुख सांस्कृतिक हस्तियां उपस्थित थीं।
------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

