चुनाव 26: खिलंजिया अस्मिता की रक्षा के लिए सख्त कदम जरूरी- सीएम सरमा
गुवाहाटी, 26 मार्च (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को राज्य में स्वदेशी (खिलंजिया) लोगों की पहचान और अधिकारों की रक्षा पर जोर देते हुए बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ के खिलाफ कड़े कदम उठाने की आवश्यकता बताई।
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी समुदायों के अस्तित्व और सम्मान को बनाए रखने के लिए अवैध घुसपैठियों को बाहर करना जरूरी है और इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि “जाति, माटी, भेटी” (समुदाय, भूमि और घर) की रक्षा नहीं की गई, तो असम की पहचान और गौरव को गंभीर खतरा हो सकता है। उन्होंने काजीरंगा में शिकारियों के खतरे का उदाहरण देते हुए स्थिति की गंभीरता को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में निचले असम में स्वदेशी असमिया लोगों को फिर से सुरक्षा और राहत का अनुभव हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य की जमीन पर अधिकार केवल स्थानीय लोगों का होना चाहिए।
आगामी चुनावों को लेकर मुख्यमंत्री ने स्वदेशी पहचान और भूमि अधिकारों की रक्षा के मुद्दे पर एक नए राजनीतिक अभियान की घोषणा की, जिसमें अवैध घुसपैठ का मुद्दा प्रमुख रहेगा।
बरपेटा विधानसभा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन रद्द होने पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि गठबंधन उम्मीदवार की जीत तय मानी जा रही थी, लेकिन बिना मुकाबले जीतने में वह संतोष नहीं मिलता जो एक वास्तविक चुनावी मुकाबले में होता है। उन्होंने कहा,
“बिना प्रतिद्वंद्वी के जीत का आनंद नहीं होता।”
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

