तिनसुकिया में हरित एएसी ब्लॉक निर्माण इकाई का उद्घाटन, 55 करोड़ रुपये का निवेश
- एडवांटेज असम 2.0 के तहत मिले 5.18 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में से तीन लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं कार्यान्वयन के चरण में: हिमंत
तिनसुकिया (असम), 29 अक्टूबर (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को तिनसुकिया जिले के हापजान में लाइटब्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित हरित ऑटोक्लेव्ड एरेटेड कंक्रीट (एएसी) ब्लॉक निर्माण इकाई का उद्घाटन किया। यह इकाई केडी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज का हिस्सा है और इसकी स्थापना एडवांटेज असम 2.0 के दौरान किए गए समझौता ज्ञापन के आधार पर की गई है।
करीब 55 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित इस इकाई को पिछले 15 वर्षों में तिनसुकिया जिले के निजी क्षेत्र के प्रमुख विनिर्माण निवेशों में से एक माना जा रहा है। इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता दो लाख घन मीटर है। इससे हर साल लगभग 10 करोड़ पारंपरिक लाल ईंटों का विकल्प उपलब्ध होने की उम्मीद है, जिससे कृषि भूमि के संरक्षण में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस इकाई में पहली बार एशिया में अंतर्निर्मित ग्रिड वाली तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तिनसुकिया में स्थापित यह संयंत्र ऊपरी असम के साथ-साथ पड़ोसी अरुणाचल प्रदेश में निर्माण क्षेत्र की मांग को पूरा करने में मदद करेगा।
इस परियोजना से लगभग 80 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि ठेकेदारों के माध्यम से 75 अन्य लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त आपूर्तिकर्ताओं, विक्रेताओं और खुदरा कारोबारियों सहित 500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फरवरी 2023 में आयोजित एडवांटेज असम निवेश एवं बुनियादी ढांचा शिखर सम्मेलन के दौरान राज्य को 5.18 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से लगभग तीन लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं कार्यान्वयन के चरण में पहुंच चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि हाइड्रोकार्बन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में 2.86 लाख करोड़ रुपये, ऊर्जा क्षेत्र में 97,840 करोड़ रुपये, बुनियादी ढांचे में 55,572 करोड़ रुपये, खनन क्षेत्र में 53,353 करोड़ रुपये, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी में 44,948 करोड़ रुपये तथा विभिन्न विनिर्माण क्षेत्रों में 26,799 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर काम आगे बढ़ा है।
सरमा ने कहा कि नुमलीगढ़ रिफाइनरी की क्षमता तीन मिलियन मीट्रिक टन से बढ़ाकर नौ मिलियन मीट्रिक टन करने का काम लगभग 28,000 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा है। बांस से इथेनॉल उत्पादन करने वाले संयंत्र का निर्माण भी तेजी से जारी है।
उन्होंने बताया कि 27,000 करोड़ रुपये के निवेश वाली टाटा सेमीकंडक्टर परियोजना का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है। वहीं, 10,600 करोड़ रुपये के निवेश से नामरूप उर्वरक संयंत्र की चौथी इकाई स्थापित करने का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। पेप्सिको जैसी कंपनियां भी असम में विनिर्माण इकाइयां स्थापित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिकीकरण से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होते हैं, अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और राज्य के समग्र विकास को गति मिलती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थानीय लोगों के पूर्ण सहयोग के बिना औद्योगिकीकरण संभव नहीं है।
उन्होंने जागीरोड में सेमीकंडक्टर परियोजना और छपार में 50,000 करोड़ रुपये की ताप विद्युत परियोजना के निर्माण के दौरान स्थानीय लोगों के सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण, बेहतर कानून-व्यवस्था और स्थानीय समुदायों का समर्थन आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तिनसुकिया में नए उद्योग स्थापित करने के कई प्रस्ताव मिले हैं और राज्य सरकार इन पर प्राथमिकता के आधार पर विचार कर रही है। उन्होंने जिले को औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की।
कार्यक्रम में श्रम कल्याण मंत्री रामेश्वर तेली, विधायक संजय किसान, बोलिन चेतिया, पुलक गोहाईं, रूपेश गोवाला, सुरेन फूकन और तरंग गोगोई तथा लाइटब्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक दिलीप गोयनका सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

