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अरुणाचल: मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग

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इटानगर, 29 अगस्त (हि.स.)। यूनाइटेड अरुणाचल इंडिजिनस पीपल्स फोरम ने अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा और मुख्यमंत्री पेमा खांडू और गृह मंत्री मामा नाटुंग को उनके पदों से हटाने की मांग की। फोरम ने आरोप लगाया कि वे कई मुद्दों को हल करने में नाकाम रहे हैं, जिसमें टक्सिंग सर्कल में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के कथित प्रवेश का मामला भी शामिल है।

आज अरुणाचल प्रेस क्लब में मीडिया से बात करते हुए, फोरम के अध्यक्ष सामा बागांग ने दावा किया कि टक्सिंग के स्थानीय निवासियों (जिनमें 'ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन' और 'नाह वेलफेयर सोसाइटी' ने बार-बार कहा है कि चीनी आर्मी राज्य के अपर सुबनसिरी जिले के टक्सिंग इलाकों में घुस आई है। लेकिन मुख्यमंत्री और गृह मंत्री ने इस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया और मौके पर जाकर जांच करने के बजाय मामले को ही नकार रही है।मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के बयान 'सरासर झूठ' हैं और वे असल तथ्यों को छिपा रहे हैं। इस तरह उन्होंने जनता का भरोसा और विश्वास खो दिया है।

उन्होंने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और राज्य के प्रमुखों द्वारा इसे बहुत हल्के में लेने से न केवल हमारे राज्य बल्कि पूरे देश के लिए खतरा पैदा हो सकता है।मुख्यमंत्री खांडू के इस्तीफे की मांग करते हुए बागांग ने कहा कि मुख्यमंत्री खांडू के खिलाफ पहले से ही अदालत में एक कानूनी मामला चल रहा है, जिसमें उन पर अपने रिश्तेदारों और करीबियों को 1200 करोड़ रुपये के सरकारी ठेके देने का आरोप है।

इसे देखते हुए, मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

इसके अलावा, उन्होंने दोनों पर गंभीर आरोप भी लगाए। आरोप है कि भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की 'स्वदेश दर्शन 2014-15' योजना के तहत अरुणाचल प्रदेश के लिए 'नए एडवेंचर टूरिज्म का एकीकृत विकास' परियोजना के तहत मंजूर किए गए करोड़ों रुपये के फंड का दुरुपयोग किया गया।आरोप है कि अरुणाचल प्रदेश राज्य के लिए 97 करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि मंजूर की गई थी, जिसका मकसद रेवेन्यू बढ़ाना, रोज़गार पैदा करना और पर्यटन को बढ़ावा देना था। लेकिन मंजूर किए गए कामों को बिना पारदर्शिता के करने और पक्षपात व भाई-भतीजावाद के कारण इस फंड का गलत इस्तेमाल किया गया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री खांडू की सरकार 'अरुणाचल प्रदेश फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट (आफरा)' के मामले को सुलझाने में भी नाकाम रही है।

साथ ही, असम-अरुणाचल के बीच अंतर-राज्यीय सीमा विवाद भी हल नहीं हो पाया है, जिसके कारण सीमा का मुद्दा अभी भी बना हुआ है।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी