home page

ध्वंस नहीं, सृजन के लिए शिक्षा ग्रहण करें विद्यार्थी: मुख्यमंत्री सरमा

 | 
ध्वंस नहीं, सृजन के लिए शिक्षा ग्रहण करें विद्यार्थी: मुख्यमंत्री सरमा


गुवाहाटी, 06 सितंबर (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने विद्यार्थियों से ध्वंस के बजाय सृजन पर ध्यान केंद्रित करने और शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने रविवार को गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में गीतानगर कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में कहा कि विद्यार्थियों को राष्ट्र की संपत्ति को नष्ट करने के बजाय उसका निर्माण और संरक्षण कैसे किया जाए, इस पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ध्वंस के बजाय सृजन के आनंद को अपनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल शिक्षा प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को अच्छे चरित्र का निर्माण करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण की भावना भी विकसित करनी होगी।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने असम की अपनी पहली यात्रा पर पहुंचे उपराष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि उनका ज्ञान और अनुभव सभी को प्रेरित करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1977 में महिला शिक्षा और सशक्तीकरण के उद्देश्य से शुरू हुआ गीतानगर कॉलेज, जिसे पहले गीतानगर गर्ल्स कॉलेज के नाम से जाना जाता था, ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

समारोह के दौरान पीएम-उषा के तहत नवनिर्मित शैक्षणिक भवन विद्यार्थियों को समर्पित किया गया। साथ ही कॉलेज में वाणिज्य शिक्षा शुरू करने के लिए राज्य सरकार की ओर से तीन करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की दिशा में कदम उठाने की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से कौशल, उद्यमिता, नवाचार तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का ज्ञान हासिल कर ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘आत्मनिर्भर असम’ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश