'अरुणाचल प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम को लेकर मुख्यमंत्री ने फोरम के साथ की बैठक
इटानगर, 15 जून (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अरुणाचल क्रिश्चियन फोरम के साथ बैठक आयोजित की गयी। मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद कहा कि अरुणाचल क्रिश्चियन फोरम के नवनिर्वाचित केंद्रीय कार्यकारी सदस्यों के साथ आज की बैठक सकारात्मक और सार्थक रही। यह बैठक 'अरुणाचल प्रदेश धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम,(अफ्रा) 1978' के नियमों के मसौदे के बारे में थी।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की मुख्य प्राथमिकता हमेशा शांति, सद्भाव और प्रगति रहेगी। हमारे खूबसूरत राज्य में किसी भी धार्मिक समुदाय को कभी भी आहत, अलग-थलग या बेगाना महसूस नहीं होना चाहिए। हर आस्था, हर परंपरा और हर नागरिक अरुणाचल परिवार का एक अनमोल हिस्सा है।
इस बीच, अरुणाचल क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष टेची जेमस तारा ने बताया कि बैठक के दौरान हमने इस अधिनियम को रद्द करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने इस अपील को स्वीकार किया और प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि अधिनियम को रद्द करने की प्रक्रिया के तहत, वह राज्य के सभी संबंधित पक्षों (स्टेकहोल्डर्स) के साथ एक परामर्श बैठक बुलाएंगे। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार 'अरुणाचल प्रदेश धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम नियम, 2026' को लागू करने पर कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी धार्मिक समूहों के साथ बातचीत करेगी।
इस सकारात्मक घटनाक्रम को देखते हुए, अरुणाचल क्रिश्चियन फोरम ने 18 जून को होने वाली विशाल वाहन रैली को स्थगित करने का निर्णय लिया है।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

