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300 वर्षों की परंपरा कायम: आऊनीआटी सत्र में बहाग के पहले दिन खेला गया ‘कीचड़ खेल’

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300 वर्षों की परंपरा कायम: आऊनीआटी सत्र में बहाग के पहले दिन खेला गया ‘कीचड़ खेल’


माजुली (असम), 15 अप्रैल (हि.स.)। लगभग 300 वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए माजुली के आऊनीआटी सत्र (मठ) में बहाग (बैसाख) के पहले दिन आज पारंपरिक ‘बोका खेल’ (कीचड़ खेल) का आयोजन किया गया, जिसमें सत्र के भक्तों और वैष्णवों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अनोखी परंपरा के तहत सत्र परिसर में भक्तों ने कीचड़ खेलकर आनंद व्यक्त किया, जो असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और रंगाली बिहू की उमंग को दर्शाता है। पूरे वातावरण में उत्सव का माहौल देखने को मिला।

पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा को आज भी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाया जा रहा है। इस दौरान भक्तों और वैष्णवों में विशेष उत्साह देखा गया, जिन्होंने इस आयोजन के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक आस्था और आनंद का प्रदर्शन किया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश