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अरुणाचल में डिजिटल जनगणना प्रशिक्षण आरंभ

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इटानगर, 16 अप्रैल (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के लोवर सुबनसिरी जिले में भारत की पहली डिजिटल जनगणना 2027 (चरण एक) का सप्ताहव्यापी प्रशिक्षण कार्यक्रम आज जीरो स्थित स्वर्ण जयंती सम्मेलन हॉल में शुरू किया गया।

ज्ञात हो कि सप्ताहव्यापी डिजिटल प्रशिक्षण 16 से 29 अप्रैल तक दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण मात्र एक तकनीकी कार्यशाला नहीं है; बल्कि यह लोवर सुबनसिरी जिले के प्रत्येक व्यक्ति और परिवार की सटीक गणना सुनिश्चित करने का एक सहयोगात्मक प्रयास है।

स्थानीय परंपराओं और भाषा का सम्मान करते हुए, प्रशासन ने विशेष रूप से स्थानीय अपातानी समुदाय के लोगों को इस अभियान का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया है। ये प्रशिक्षक घाटी की नब्ज़ को समझते हैं और उनकी उपस्थिति यह सुनिश्चित करती है कि जनगणना केवल एक सरकारी आदेश न होकर पड़ोसियों के बीच एक संवाद बन जाए।

स्थानीय बोली बोलकर और पारंपरिक बस्तियों की अनूठी संरचना को समझकर, ये स्थानीय टीमें उच्च-तकनीकी डेटा संग्रह और समुदाय के विश्वास के बीच की खाई को जोड़ना है।

इस जनगणना चक्र में एक क्रांतिकारी स्वयं-गणना (एसई) सुविधा शुरू की गई है। अब परिवारों को किसी के उनके दरवाजे पर दस्तक देने का इंतजार करने की बजाय, एक सुरक्षित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जनगणना अनुसूची भरकर अपनी जानकारी का स्वामित्व स्वयं प्राप्त कर सकते हैं।

परंपरागत पद्धति को प्राथमिकता देने वालों के लिए, जनगणनाकर्मी की भूमिका में बदलाव आया है। अब वे केवल फॉर्म भरने वाले नहीं रहे, बल्कि स्थानीय जनगणनाकर्मियों और पर्यवेक्षकों को डिजिटल मार्गदर्शक के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। नए एचएलओ मोबाइल ऐप का उपयोग करके, वे परिवारों को प्रक्रिया को समझने में मदद करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि डेटा सटीक और सुरक्षित रूप से वास्तविक समय में एकत्र किया जाए।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी