बंदूक की गोलियों से बुलेट ट्रेन तक पहुंचा असम का सपना, विकास की नई राह पर बढ़ रहा राज्य: मुख्यमंत्री
गुवाहाटी, 05 नवंबर (हि.स.)। असम, जो कभी बंदूक की गोलियों की आवाज से थर्रा उठता था, आज विकास की बुलेट ट्रेन की गति से आगे बढ़ने का सपना देख रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय असम से दिल्ली पहुंचने में 30 से 36 घंटे का लंबा सफर तय करना पड़ता था, लेकिन आज राज्य तेज कनेक्टिविटी, विकास और नई संभावनाओं के द्वार पर खड़ा है।
उन्होंने कहा कि यह केवल परिवहन व्यवस्था में बदलाव नहीं है, बल्कि असम की पहचान और भविष्य का रूपांतरण है।
मुख्यमंत्री ने बंदूक की गोलियों से बुलेट ट्रेन तक के सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भय और आतंक से भरे अतीत को पीछे छोड़कर प्रगति के नए क्षितिज की ओर बढ़ते नए असम की अनवरत यात्रा है।
उन्होंने अपने संदेश में राज्य के बदलते स्वरूप और विकास की आकांक्षाओं को रेखांकित किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

