गुवाहाटी विश्वविद्यालय में ‘प्रत्नकथा' पुस्तक का लोकार्पण
गुवाहाटी, 06 अप्रैल (हि.स.)। गौहाटी विश्वविद्यालय के आधुनिक भारतीय भाषा और साहित्य अध्ययन विभाग में सोमवार को लेखक विकास शर्मा की दापोन प्रकाशन द्वारा प्रकाशित ‘प्रत्नकथा’ निबंध-संग्रह का औपचारिक रूप से लोकार्पण किया गया।
डॉ. धुर्ज्जटी शर्मा द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में लोकार्पणकर्ता के रूप में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अनुराधा शर्मा (आधुनिक भारतीय भाषा और साहित्य अध्ययन विभाग), डॉ. नवजीत देउरी (निदेशक, पुरातत्व निदेशालय, असम, आमबारी) तथा वरिष्ठ प्रोफेसर दिलीप बोरा उपस्थित थे।
विभागाध्यक्ष अनुराधा शर्मा के स्वागत भाषण से आरंभ हुए इस कार्यक्रम में पुस्तक का लोकार्पण करते हुए डॉ. नवजीत देउरी ने कहा, “असमिया भाषा में पुरातत्व से संबंधित चिंतन-चर्चा अभी भी काफी सीमित है। ऐसे में विकास शर्मा जैसे शोधकर्ता का इस विषय पर गहराई से कार्य करना निश्चित रूप से खुशी की बात है और यह भविष्य में अधिक शोधपरक चर्चाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा। आशा है कि पाठक समाज इस पुस्तक को अपनाएगा।”
वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. दिलीप बोरा ने कहा कि भारतीय ज्ञान-परंपरा के संदर्भ में कामरूप-असम के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक योगदान को समझने में यह पुस्तक एक नया आयाम प्रस्तुत करेगी।
कार्यक्रम में गौहाटी विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रोफेसर डॉ. चंदन कुमार शर्मा तथा विशिष्ट इतिहासकार एवं श्रीमंत शंकरदेव विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. गजेन्द्र अधिकारी ने भी पुस्तक के लेखक के प्रति उत्साहवर्धक वक्तव्य प्रस्तुत किए।
इस कार्यक्रम में गौहाटी विश्वविद्यालय के असमिया विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. दीपामणि हालोई महंत, आधुनिक भारतीय भाषा और साहित्य अध्ययन विभाग के डॉ. बी. विजयकुमार, डॉ. खगेन शर्मा, डॉ. भास्कर भुइयां, तथा कॉटन विश्वविद्यालय के बांग्ला विभाग के प्रोफेसर डॉ. प्रशांत चक्रवर्ती सहित अन्य कई प्राध्यापक-प्राध्यापिकाओं के साथ-साथ शोधार्थी और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / देबजानी पतिकर

