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पांडु कॉलेज में उत्तर-पूर्व भारत के विकास पर आधारित पुस्तक का लोकार्पण

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पांडु कॉलेज में उत्तर-पूर्व भारत के विकास पर आधारित पुस्तक का लोकार्पण


गुवाहाटी, 05 फरवरी (हि.स.)। बहुप्रतीक्षित ग्रंथ डेवलपमेंट ऑफ नॉर्थ ईस्ट इंडिया: एजुकेशन, एनवायरनमेंट, कल्चर एंड सोशल इश्यूज़ का गुरुवार को पांडु कॉलेज में औपचारिक रूप से लोकार्पण किया गया। इस पुस्तक का संपादन डॉ. निरंजन भट्टाचार्य और डॉ. सिद्धेश्वर शर्मा द्वारा किया गया है। लोकार्पण समारोह में विशिष्ट अतिथि, साहित्य प्रेमी तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

उद्घाटन समारोह में पांडु कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय ज्योति बोरा, प्रोफेसर शीला बोरा, गौहाटी विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर रत्नेश्वर बर्मन, भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर प्रशांत बर्मन, एनईआईसीएसएसआर के सचिव डॉ. सिद्धेश्वर शर्मा (शिलांग) तथा एनईआईसीएसएसआर की शोध अधिकारी डॉ. प्रेमलता देवी उपस्थित थीं। इसके अलावा भूगोल विभाग के शिक्षकगण और शोध लेखों के योगदानकर्ता भी समारोह में शामिल हुए। सभी ने संयुक्त रूप से पुस्तक का विमोचन किया और इसके साहित्यिक योगदान की सराहना की।

इस अवसर पर प्रोफेसर शीला बोरा ने संबोधन में पुस्तक की विषयवस्तु के महत्व और इसकी समसामयिक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

समारोह में बोलते हुए संपादक डॉ. निरंजन भट्टाचार्य ने पाठकों, मार्गदर्शकों और शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “यह पुस्तक मेरी यात्रा का प्रतिबिंब है और उन विचारों को साझा करने का प्रयास है, जो पाठकों को प्रेरित और सहभागी बनाएंगे।”

तीन खंडों में प्रकाशित इस पुस्तक में सामाजिक और पर्यावरणीय क्षेत्रों से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई है। उम्मीद है कि यह पुस्तक पाठक वर्ग में व्यापक प्रभाव छोड़ेगी। नई दिल्ली स्थित कॉन्सेप्ट पब्लिशिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रकाशित यह ग्रंथ देश के प्रमुख पुस्तक विक्रेताओं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. पुबाली बर्मन ने किया। संपादकों ने पुस्तकों की पृष्ठभूमि और महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पुस्तक में शामिल सभी लेख पांडु कॉलेज में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के शोध-आधारित निष्कर्षों पर आधारित हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / देबजानी पतिकर