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असम-पश्चिम बंगाल सीमा पर ट्रक ड्राइवरों ने पश्चिम बंगाल पुलिस पर मारपीट का लगाया आरोप

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कोकराझार (असम), 2 नवम्बर (हि.स.)। असम-पश्चिम बंगाल सीमा पर स्थित शिमूलटापू इलाके में पश्चिम बंगाल पुलिस पर ट्रक चालकों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि पश्चिम बंगाल पुलिस के जवान असम सीमा के शिमूलटापू इलाके में प्रवेश कर रविवार की रात को कई ट्रक चालकों के साथ मारपीट की। इस घटना के बाद सीमा क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। वहीं, पाकरीगुड़ी नाका पर आक्रोशित ट्रक चालकों और ड्यूटी पर तैनात पश्चिम बंगाल पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई।

इस जाकीर बरेली नामक पीड़ित ट्रक चालक ने बताया कि पिछले करीब एक महीने से कार्बन, कोयला और स्क्रैप सामग्री लेकर जाने वाले ट्रकों को पश्चिम बंगाल में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। इसके कारण सीमा क्षेत्र में सैकड़ों ट्रक फंसे हुए हैं। लंबे समय से जारी इस समस्या को लेकर ट्रक चालकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

ट्रक चालकों का कहना है कि पश्चिम बंगाल में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलने के कारण वे गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। कई चालक अपने परिवारों से दूर सीमा क्षेत्र में दिन-रात बिताने को मजबूर हैं। लंबे समय तक ट्रकों के फंसे रहने से उनके सामने भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समस्या उत्पन्न हो गई है।

इसी बीच, शिमूलटापू क्षेत्र में पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा कथित तौर पर ट्रक चालकों के साथ मारपीट किए जाने की घटना ने मामले को और गंभीर बना दिया। घटना से नाराज चालकों ने पाकरीगुड़ी नाका पर तैनात पश्चिम बंगाल पुलिस के जवानों के सामने विरोध जताया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे सीमावर्ती इलाके में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया।

ट्रक चालकों का सवाल है कि यदि पश्चिम बंगाल में कार्बन, कोयला और स्क्रैप जैसी सामग्रियों के परिवहन पर कोई प्रतिबंध या कानूनी अड़चन है, तो संबंधित प्रशासन को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करना चाहिए। बिना किसी स्पष्ट व्यवस्था के लंबे समय तक ट्रकों को सीमा पर रोककर रखने से चालक, वाहन मालिक और कारोबारी भारी आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं।

वहीं, असम की सीमा में प्रवेश कर ट्रक चालकों के साथ कथित मारपीट किए जाने के आरोप ने अंतरराज्यीय सीमा पर पुलिस की कार्यप्रणाली और अधिकार क्षेत्र को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही इस मामले का समाधान नहीं किया गया, तो सीमा क्षेत्र में स्थिति और बिगड़ सकती है।

करीब एक महीने से सीमा पर फंसे सैकड़ों ट्रकों की समस्या का समाधान को लेकर फिलहाल, सभी की नजरें दोनों राज्यों के प्रशासनिक स्तर पर होने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं। हालांकि, इस घटना को लेकर अंतिम सूचना मिलने तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गयी थी।

/ Arvind Rai