असम में ऐतिहासिक जनादेश, विकास और स्थिरता के पक्ष में जनता का फैसला : भाजपा
गुवाहाटी, 05 मई (हि.स.)। असम विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ऐतिहासिक और निर्णायक जनादेश बताते हुए इसे विकास, स्थिरता और समावेशी प्रगति के पक्ष में जनता की स्पष्ट अभिव्यक्ति करार दिया है।
पार्टी की प्रवक्ता स्मृति मीता नाथ बोरा ने आज एक बयान में कहा कि यह जीत केवल चुनावी सफलता नहीं, बल्कि राज्य की जनता के विश्वास, आकांक्षाओं और सामूहिक इच्छाशक्ति का प्रतीक है। उन्होंने शहरों से लेकर दूर-दराज के गांवों तक सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बोरा ने कहा कि यह जनादेश बुनियादी ढांचे के विकास, युवाओं के सशक्तिकरण, महिलाओं के कल्याण और असम की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के लिए किए गए सतत प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि परिणाम विभाजनकारी और तुष्टिकरण की राजनीति को नकारते हुए एकता, प्रगति और समृद्धि आधारित शासन के पक्ष में समर्थन को दर्शाते हैं।
उन्होंने युवाओं, महिलाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। साथ ही, जिलों, मंडलों, शक्ति केंद्रों और बूथ स्तर पर कार्यरत लाखों कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों के योगदान को इस जीत का प्रमुख आधार बताया।
आंकड़ों के अनुसार, 126 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा और उसके सहयोगियों ने कुल 102 सीटें हासिल कीं, जो 2021 के 75 सीटों से काफी अधिक है। भाजपा ने अकेले 82 सीटें जीतीं, जबकि असम गण परिषद (अगप) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) को 10-10 सीटें मिलीं। विपक्षी दलों में कांग्रेस-नेतृत्व वाले गठबंधन को 19 सीटें मिलीं, जबकि राइजर दल और एआईयूडीएफ को 2-2 सीटों से संतोष करना पड़ा। असम जातीय परिषद (एजेपी) खाता खोलने में विफल रही।
भाजपा ने महिला उम्मीदवारों और युवा नेताओं के प्रदर्शन को भी उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि यह नई पीढ़ी के नेतृत्व में जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
प्रवक्ता ने कहा कि यह जनादेश भाजपा पर नई जिम्मेदारी भी डालता है और पार्टी राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि नई सरकार का गठन पार्टी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा के मार्गदर्शन में किया जाएगा, जिसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की भी भूमिका रहेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

