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पुण्यतिथि पर डॉ. भूपेन हजारिका को प्रदेश भाजपा ने दी श्रद्धांजलि, 29 नवंबर को दिल्ली में जन्म शताब्दी समारोह का समापन

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पुण्यतिथि पर डॉ. भूपेन हजारिका को प्रदेश भाजपा ने दी श्रद्धांजलि, 29 नवंबर को दिल्ली में जन्म शताब्दी समारोह का समापन


गुवाहाटी, 05 नवंबर (हि.स.)। भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की पुण्यतिथि पर गुरुवार को असम प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पार्टी ने महान कलाकार को याद करते हुए कहा कि उन्होंने असम और असमिया संस्कृति को विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाई।

प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता कमल कुमार मेधी ने एक बयान में कहा कि डॉ. भूपेन हजारिका केवल एक संगीतकार ही नहीं, बल्कि प्रख्यात साहित्यकार, पत्रकार, फिल्म निर्देशक, शिक्षाविद, शोधकर्ता और राष्ट्रवादी विचारक भी थे। उन्होंने अपने जीवन में असम के सामाजिक जीवन से जुड़े विभिन्न संवेदनशील मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। इसी कारण वह वास्तव में जनजीवन की आवाज थे।

उन्होंने कहा कि महान कलाकार को उचित सम्मान देने और उनकी विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए भाजपा नेतृत्व वाली सरकार ने समय-समय पर कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।

डॉ. भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी का आयोजन पिछले वर्ष 8 सितंबर से शुरू हुआ था। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा की अध्यक्षता में गठित जन्म शताब्दी समारोह समिति के तत्वावधान में असम सरकार पूरे वर्ष विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य उनके जीवन दर्शन, संगीत, साहित्य, संस्कृति और मानवतावादी विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

पिछले वर्ष 13 सितंबर को गुवाहाटी के खानापाड़ा स्थित पशु चिकित्सा महाविद्यालय खेल मैदान में आयोजित जन्म शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिस्सा लिया था और लोगों को संबोधित किया था।

इस अवसर पर राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए 1,200 कलाकारों ने असमिया, बंगाली, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में डॉ. हजारिका के 14 अमर गीतों की 18 मिनट की विशेष संगीतमय प्रस्तुति दी थी।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित लेखिका अनुराधा शर्मा पुजारी द्वारा लिखित डॉ. भूपेन हजारिका की जीवनी 'भारत रत्न भूपेन हजारिका-गीतों के चित्रकार, सुरों के भास्कर' का विमोचन भी किया था। इस मूल असमिया जीवनी का देश की अन्य 21 संवैधानिक भाषाओं में अनुवाद कराने की पहल भी की गई है।

जन्म शताब्दी समारोह के तहत डॉ. भूपेन हजारिका संग्रहालय का निर्माण, जीवनी का प्रकाशन, 100 फुट ऊंची प्रतिमा की स्थापना, विभिन्न शहरों में उनके नाम पर सड़कों का नामकरण, बिहू आयोजनों में विशेष कार्यक्रम, कोलकाता स्थित उनके आवास का संरक्षण, प्रदर्शन कला विभाग की स्थापना, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार की शुरुआत और विशेष वृत्तचित्र का निर्माण जैसी कई पहल की गई हैं।

मेधी ने बताया कि डॉ. भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी का समापन समारोह आगामी 29 नवंबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में भव्य कार्यक्रमों के साथ आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित देश-विदेश की कई जानी-मानी हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि वर्षभर चले जन्म शताब्दी समारोह का उद्देश्य संगीत, साहित्य, सिनेमा और सामाजिक जीवन में डॉ. हजारिका के अमूल्य योगदान को उचित सम्मान देना है। उनकी कालजयी रचनाएं और विचार पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों को प्रेरित करते रहेंगे। यह समापन समारोह महान कलाकार के जीवन और योगदान के साथ-साथ असम की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का भी उत्सव होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश