यूसीसी को लेकर भाजपा विधायकों का समर्थन, समान अधिकारों की वकालत
गुवाहाटी, 27 मई, (हि.स.)। असम में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर भाजपा नेताओं और विधायकों ने जोरदार समर्थन व्यक्त करते हुए इसे समान अधिकार और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। भाजपा विधायक बुधवार को असम विधानसभा परिसर में समान नागरिक संहिता बिल पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि आज विधानसभा में इस विधेयक पर चर्चा के बाद इसे पारित करने को लेकर सरकार तैयार है।
भाजपा के पूर्व मंत्री पीयूष हजारिका ने कहा कि महिलाओं की सहमति के बिना किसी पुरुष को चार शादियां करने की अनुमति देने वाला नियम अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय में दो विवाह करने पर जेल की सजा का प्रावधान है, जबकि दूसरे समुदाय के लोगों को चार विवाह की अनुमति मिलती है। ऐसे भेदभावपूर्ण नियमों को समाप्त कर यूसीसी लागू किया जाना चाहिए।
विधायक रूपज्योति कुर्मी ने यूसीसी लागू करने के निर्णय को स्वागतयोग्य कदम बताते हुए कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूसीसी के माध्यम से सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त होंगे।
विधायक पल्लब लोचन दास ने कहा कि यूसीसी भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक नए युग की शुरुआत करेगा और समाज को अधिक प्रगतिशील दिशा देगा।
भाजपा विधायक दिप्लू रंजन शर्मा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए यह दिन ऐतिहासिक उपलब्धि का दिन है। उन्होंने दावा किया कि यूसीसी लागू होने से अल्पसंख्यक तुष्टीकरण की राजनीति समाप्त होगी।
विधायक मृणाल सैकिया ने इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यूसीसी के जरिए मुस्लिम महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय और भेदभाव का अंत होगा।
वहीं, विधायक मानब डेका ने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल एक विशेष समुदाय के तुष्टीकरण की राजनीति के कारण यूसीसी का विरोध कर रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

