home page

असम: तेजपुर, डिब्रूगढ़ और बरपेटा रोड में भाजपा के जनजागरण जुलूस, संविधान और लोकतंत्र के समर्थन में जुटे लोग

 | 
असम: तेजपुर, डिब्रूगढ़ और बरपेटा रोड में भाजपा के जनजागरण जुलूस, संविधान और लोकतंत्र के समर्थन में जुटे लोग


गुवाहाटी, 15 अक्टूबर (हि.स.)। असम में विपक्षी दलों के कथित राष्ट्रविरोधी षड्यंत्रों और निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के विरोध में गुरुवार को तेजपुर, डिब्रूगढ़ और बरपेटा रोड में जनजागरण जुलूस निकाले गए। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अनुसार, इन कार्यक्रमों में हजारों लोगों ने भाग लेकर देश के संविधान और लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। भाजपा ने दावा किया कि असम की जनता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकतांत्रिक संस्थाओं के समर्थन में एकजुट है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कमल कुमार मेधी ने पार्टी के प्रदेश मुख्यालय अटल बिहारी वाजपेयी भवन से जारी बयान में कहा कि पिछले दो दिनों में नलबाड़ी, जोरहाट, सिलचर और गुवाहाटी में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में हार के बाद कांग्रेस सहित विपक्षी दल अपनी विफलताओं को स्वीकार करने के बजाय निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। उनके अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।

बरपेटा रोड में आयोजित जुलूस का उद्घाटन करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें देश में अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रही हैं और विदेशी भारत-विरोधी शक्तियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी के साथ है और कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा वामपंथी दलों की राजनीति को स्वीकार नहीं करती। सैकिया ने कहा कि उनका अभियान देश के हित में और कथित राष्ट्रविरोधी ताकतों के खिलाफ है। इस कार्यक्रम में 20 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया गया। राज्य सरकार के मंत्री अश्विनी राय सरकार, भाजपा उपाध्यक्ष मनोज बरुवा और बरपेटा जिला भाजपा अध्यक्ष सबिता देवनाथ सहित कई नेता मौजूद रहे।

डिब्रूगढ़ में चौकीडिंगी खेल मैदान से सरकारी पुराना हाईस्कूल मैदान तक जनजागरण जुलूस निकाला गया। इसमें केंद्रीय मंत्री और असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भाग लिया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 1975 में आपातकाल लागू कर देश की कानून व्यवस्था, संवैधानिक व्यवस्था और लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास किया गया था। उन्होंने दावा किया कि इस कारण देश की जनता कांग्रेस पर भरोसा नहीं करती। आयोजकों के अनुसार, जुलूस में 15 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। राज्य के मंत्री बिमल बोरा और रामेश्वर तेली, विधायक प्रशांत फुकन और चक्रधर गोगोई सहित कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।

वहीं, तेजपुर में भाजपा की शोणितपुर जिला समिति के तत्वावधान में विशाल जनजागरण जुलूस निकाला गया। आयोजकों के मुताबिक, इसमें करीब 18 हजार युवा-युवतियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। जुलूस अपराह्न तीन बजे ऐतिहासिक शहीद बक्शी से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए जयमती मैदान पहुंचा। इस दौरान भारत माता की जय और राष्ट्रीय एकता के नारे लगाए गए।

तेजपुर के कार्यक्रम में राज्य के मंत्री अशोक सिंघल, सांसद रंजीत दत्ता तथा विधायक पल्लव लोचन दास, पद्म हजारिका, कृष्ण कमल तांती और ऋतुबरण शर्मा सहित कई नेता शामिल हुए। अशोक सिंघल ने कहा कि जनजागरण कार्यक्रम ने साबित किया है कि शोणितपुर का युवा वर्ग राष्ट्रीय आदर्शों और विकास की नीतियों के समर्थन में खड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज में विभाजन पैदा करने और विकास की गति रोकने की कोशिश करने वाली ताकतों को युवाओं ने जवाब दिया है।

भाजपा ने इन कार्यक्रमों को संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता के समर्थन में जनभागीदारी का प्रतीक बताया। हालांकि, विपक्षी दलों की ओर से इन आरोपों पर इस बयान में कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।

------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश