विकास और स्वदेशी संरक्षण के मुद्दों के साथ चुनावी मैदान में भाजपा
गुवाहाटी, 24 मार्च (हि.स.)। असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कहा कि वह 2026 के विधानसभा चुनाव में विकास और स्वदेशी समुदायों के संरक्षण के मुद्दों को प्रमुख आधार बनाकर चुनावी मैदान में उतरी है, जबकि कांग्रेस-नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन पर मुद्दों और दृष्टि के अभाव का आरोप लगाया।
गुवाहाटी स्थित अटल बिहारी वाजपेयी भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रवक्ता प्रांजल कलिता ने कहा कि गौरव गोगोई के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन, जिसमें लुरिनज्योति गोगोई भी शामिल हैं, बिना ठोस मुद्दों के चुनाव में उतर रहा है और केवल आलोचना की राजनीति कर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस गठबंधन चुनावी लाभ के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा जैसे दलों के साथ गठजोड़ कर रहा है, जिसका असम की सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने इसे राजनीतिक अवसरवाद का उदाहरण बताया।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि चाय जनजाति और आदिवासी समुदाय, जिन्होंने वर्षों तक उपेक्षा झेली, अब भाजपा सरकार की नीतियों से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, आधारभूत संरचना और रोजगार के क्षेत्र में सुधार के साथ-साथ सरकारी नौकरियों में तीन प्रतिशत आरक्षण और “एटि कली दूटि पात” जैसी योजनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने चाय बागान श्रमिकों को भूमि पट्टे दिए जाने को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे इन समुदायों का भाजपा पर विश्वास मजबूत हुआ है और वे पार्टी को पुनः सत्ता में लाने के पक्ष में हैं।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कलिता ने कहा कि अतीत में आईएमडीटी अधिनियम जैसे कानूनों के कारण राज्य में जनसांख्यिकीय असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हुई। इसके विपरीत, मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने अवैध घुसपैठ पर रोक लगाने और असम की पहचान की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जिनमें अतिक्रमण विरोधी अभियान भी शामिल हैं।
भाजपा ने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि उसने अतीत में असम के स्थानीय नेतृत्व की अनदेखी की, जिससे पार्टी को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा।
संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के मीडिया पैनलिस्ट अमल नारायण पटवारी भी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

