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भाजपा काम के आधार पर नहीं जीत सकती, ‘चोरी’ से खुद को बचाना चाहती है: गौरव गोगोई

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भाजपा काम के आधार पर नहीं जीत सकती, ‘चोरी’ से खुद को बचाना चाहती है: गौरव गोगोई


गुवाहाटी, 02 मई (हि.स.)। असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने विधानसभा चुनाव मतगणना से पहले स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आज विपक्षी दलों द्वारा आयोजित भोज में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत में गोगोई ने दावा किया कि राज्य के कई स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं को स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है और वे मतदान के दौरान भी वहां मौजूद थे। उन्होंने कहा कि यह स्थिति लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने काम के आधार पर चुनाव जीतने में सक्षम नहीं है और “चोरी के जरिए खुद को बचाने” की कोशिश कर रही है। गोगोई ने कहा कि विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं।

अन्य राज्यों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा में लगे कर्मियों की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं के खिलाफ किया जा रहा है, जबकि राज्य में नशे की समस्या गंभीर बनी हुई है।

एग्जिट पोल को लेकर गोगोई ने उन्हें “टीआरपी आधारित” बताते हुए खारिज किया और कहा कि भय के माहौल के कारण कई मतदाता खुलकर अपनी राय व्यक्त नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों के भीतर राजनीतिक बदलाव शुरू हो चुका है और लोग कांग्रेस की ओर रुख कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दिए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गोगोई ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि असम के मुख्यमंत्री से जुड़े बयान देश की सर्वोच्च अदालत में इस तरह उठे, जिससे राज्य की छवि प्रभावित होती है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश