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दिलीप सैकिया का कांग्रेस पर तीखा हमला, चुनाव आयोग को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर निशाना

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दिलीप सैकिया का कांग्रेस पर तीखा हमला, चुनाव आयोग को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर निशाना


गुवाहाटी, 28 सितंबर (हि.स.)। असम प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने सोमवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग के हालिया स्पष्टीकरण ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन द्वारा फैलाए जा रहे “झूठ, गलत सूचना और दुष्प्रचार” को पूरी तरह उजागर कर दिया है।

नगांव जिला भाजपा कार्यालय स्थित वाजपेयी भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सैकिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव जीतने पर निर्वाचन आयोग और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की विश्वसनीयता स्वीकार करती है, जबकि हार का सामना करने पर उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठाती है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल बार-बार अपनी चुनावी हार के लिए निर्वाचन आयोग और ईवीएम को जिम्मेदार ठहराते रहे हैं, लेकिन अदालतों तथा जनता के बीच उनके आरोपों को समर्थन नहीं मिला। सैकिया ने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं, कार्यपालिका और न्यायपालिका की विश्वसनीयता को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है।

मतपत्र से चुनाव कराने की कांग्रेस की मांग का उल्लेख करते हुए सैकिया ने कहा कि हाल के निकाय चुनावों में भी, जहां मतपत्रों के जरिए मतदान हुआ, कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस अब तक 90 से अधिक चुनावों में हार चुकी है।

2024 के लोकसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए सैकिया ने ईवीएम को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों का जिक्र किया और कहा कि निर्वाचन आयोग ने उच्चतम् न्यायालय के समक्ष ईवीएम की विश्वसनीयता और उसकी कार्यप्रणाली का बार-बार बचाव किया है।

राफेल मामले का उल्लेख करते हुए सैकिया ने राहुल गांधी पर उच्चतम् न्यायालय के संबंध में “चौकीदार चोर है” नारे को लेकर टिप्पणी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह मामला बाद में अवमानना कार्यवाही तक पहुंचा और राहुल गांधी को अदालत के समक्ष बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सैकिया ने कहा कि इस प्रक्रिया से संबंधित फैसले तीनों निर्वाचन आयुक्तों ने सर्वसम्मति से लिए हैं। उन्होंने विपक्ष पर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा करने का आरोप लगाया।

फॉर्म-6 का उल्लेख करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उच्चतम् न्यायालय ने इसकी वैधता को बरकरार रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास कर रहा है।

सैकिया ने कहा, “कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना सीखना चाहिए।” उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के हालिया स्पष्टीकरण से स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाओं के प्रति कांग्रेस के रवैये को लेकर उनकी ओर से लगाए गए आरोप सामने आए हैं।

संवाददाता सम्मेलन में असम के कैबिनेट मंत्री सुशांत बरठाकुर, विधायक प्रद्युत बरदलै, रूपक शर्मा और दिप्लू रंजन शर्मा सहित असम प्रदेश भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश