भाकिसं के तत्वावधान में पटबाउशी में आधुनिक सरसों तेल मिल स्थापित
बरपेटा (असम), 19 अगस्त (हि.स.)। भारतीय किसान संघ (भाकिसं), असम से संबद्ध लक्ष्मी को-ऑपरेटिव फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एफपीओ) द्वारा असम के बरपेटा जिलांतर्गत पटबाउशी में एक नई सरसों तेल मिल स्थापित की गई है। इस मिल की सरसों बीज प्रसंस्करण क्षमता प्रतिदिन 2.5 टन है।
यह तेल मिल मुख्यमंत्री उत्कर्ष योजना के अंतर्गत स्थापित की गई है, जिसका उद्देश्य किसान-स्वामित्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देना, कृषि उपज में मूल्य संवर्धन करना तथा कृषक समुदाय के लिए बेहतर बाजार अवसर उपलब्ध कराना है। इस एफपीओ में लगभग 450 किसान शामिल हैं। नई सुविधा किसानों को अपनी सरसों की उपज का प्रसंस्करण और विपणन करने में सक्षम बनाएगी तथा उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं जैविक रूप से उत्पादित सरसों तेल उपलब्ध कराने में सहायता करेगी।
उद्घाटन कार्यक्रम में कई विशिष्ट अतिथि एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें अमित कुमार निगम, क्षेत्रीय निदेशक, एनसीडीसी; महेंद्र कुमार मीणा, सहायक निदेशक, एनसीडीसी; भवेश दास, अध्यक्ष, सुशीला फाउंडेशन फॉर एग्रीकल्चरल एंड रूरल डेवलपमेंट; पल्लवी शिंदे डेका, सीईओ, एफपीओ; शैलेन पाठक, अध्यक्ष; हांग्शा दास, निदेशक; बिश्वजीत दास, निदेशक; दिगंत डेका, एफपीओ के निदेशक; तथा कृष्ण कांत बोरा, भारतीय किसान संघ, असम शामिल थे। इनके अलावा सामाजिक एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रमुख व्यक्ति भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित कुमार निगम, क्षेत्रीय निदेशक, एनसीडीसी, ने मजबूत एफपीओ शासन-व्यवस्था, पेशेवर प्रबंधन तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने एफपीओ के सतत विकास तथा किसानों के लिए अधिक आर्थिक लाभ सुनिश्चित करने हेतु उपलब्ध सरकारी सहायता और योजनाओं का उचित उपयोग करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में बरपेटा के प्रसिद्ध सरसों तेल ब्रांड पुष्पा के स्वामी भी उपस्थित थे। उन्होंने विपणन रणनीति, उत्पाद प्रचार तथा उत्पादों के विपणन से जुड़े तकनीकी पहलुओं के संबंध में महत्वपूर्ण व्यावहारिक सुझाव दिए, जो एफपीओ को अपने सरसों तेल व्यवसाय के विकास और विस्तार में सहायता करेंगे।
इस तेल मिल की स्थापना स्थानीय प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन तथा किसान से उपभोक्ता तक की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे 450 सदस्य किसानों को बेहतर बाजार अवसर मिलने, बिचौलियों पर निर्भरता कम होने तथा किसानों की आय बढ़ाने में योगदान मिलने की उम्मीद है।
यह पहल किसान उत्पादक संगठनों को टिकाऊ किसान-स्वामित्व वाली व्यावसायिक संस्थाओं के रूप में मजबूत करने तथा किसानों को प्राथमिक उत्पादन से आगे बढ़कर प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और प्रत्यक्ष विपणन की दिशा में प्रोत्साहित करने के महत्व को भी दर्शाती है।
लक्ष्मी को-ऑपरेटिव एफपीओ ने गुणवत्तापूर्ण सरसों तेल का उत्पादन करने और एक मजबूत बाजार पहचान विकसित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की, साथ ही यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि इस उद्यम का लाभ उसके सदस्य किसानों तक पहुंचे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

