home page

अरुणाचल प्रदेश जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष ने राज्यपाल से की मुलाकात

 | 

इटानगर, 22 अक्टूबर (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष, हवा बागांग ने आज इटानगर स्थित लोक भवन में अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केटी परनाइक से मुलाकात की। अध्यक्ष ने राज्यपाल को जैव विविधता के संरक्षण, जैविक संसाधनों की सुरक्षा और उनके टिकाऊ उपयोग को बढ़ावा देने के लिए की जा रही प्रमुख पहलों के बारे में जानकारी दी।

राज्यपाल ने जैव विविधता संरक्षण को मजबूत करने के लिए पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के मूल समुदायों के पास जंगलों, औषधीय पौधों, वन्यजीवों, पवित्र उपवनों और संसाधनों के टिकाऊ उपयोग के बारे में पीढ़ियों से चला आ रहा ज्ञान है। उन्होंने बोर्ड को सलाह दी कि वे स्थानीय जानकारों के साथ मिलकर इस अमूल्य विरासत को व्यवस्थित रूप से दर्ज करें, संरक्षित करें और बढ़ावा दें। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि राज्य की समृद्ध वनस्पति और जीव-जंतुओं की सुरक्षा के लिए, यह पारंपरिक ज्ञान आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोणों का पूरक बने।

राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि आवास के नुकसान, जलवायु परिवर्तन, संसाधनों के अत्यधिक दोहन और पारंपरिक ज्ञान के लुप्त होने जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी, मजबूत 'जैव विविधता प्रबंधन समितियों' और प्रभावी 'जन जैव विविधता रजिस्टरों' की आवश्यकता है। उन्होंने संरक्षण कार्यों में युवाओं, छात्रों, शोधकर्ताओं और ग्रामीण संस्थाओं को शामिल करने, टिकाऊ आजीविका को बढ़ावा देने और समुदायों को अपनी प्राकृतिक विरासत का संरक्षक बनने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने जैव विविधता संरक्षण को एक 'जन आंदोलन' में बदलने की बात कही। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष से आग्रह किया कि वे नागरिकों, विशेषकर युवा पीढ़ी को प्रेरित करें कि वे गांव के बुजुर्गों से सीखें, टिकाऊ पारंपरिक प्रथाओं को पुनर्जीवित करें और राज्य की असाधारण पारिस्थितिक संपदा पर गर्व करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास और संरक्षण साथ-साथ चलने चाहिए, ताकि अरुणाचल प्रदेश की अमूल्य प्राकृतिक विरासत सुरक्षित रहे और आने वाली पीढ़ियों को और अधिक स्वस्थ, समृद्ध और मजबूत रूप में सौंपी जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी