कोकराझार में प्रनाम आयोग को लेकर जागरूकता शिविर आयोजित
कोकराझार (असम), 30 सितम्बर (हि.स.)। कोकराझार साइंस कॉलेज सभागार में बुधवार को जिला प्रशासन के सहयोग से तथा प्रनाम आयोग के तत्वावधान में प्रनाम आयोग को लेकर जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आयोग की भूमिका, कार्यप्रणाली और पारिवारिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम में जिला अतिरिक्त आयुक्त पलाश रंजन आहोम ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। प्रनाम आयोग के आयुक्त फणीन्द्र कुमार बुजरबरुवा ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए भारतीय संस्कृति एवं पारंपरिक परिवार व्यवस्था में माता-पिता के प्रति जिम्मेदारी और देखभाल के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने अच्छे संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
प्रनाम आयोग की एक अन्य आयुक्त युगबाला बुढ़ागोहाईं ने दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति के माध्यम से आयोग की विभिन्न गतिविधियों, भूमिका और कार्यप्रणाली के बारे में उपस्थित लोगों को जानकारी दी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोकराझार विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. बनबीना ब्रह्म ने भारतीय संस्कृति के मूल आदर्श ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का उल्लेख करते हुए विश्व को एक परिवार के रूप में देखने की भारतीय परंपरा पर प्रकाश डाला। उन्होंने परिवार में मूल्यों और अच्छे संस्कारों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि परिवार का वातावरण बच्चों सहित प्रत्येक सदस्य के व्यक्तित्व एवं व्यवहार को प्रभावित करता है। उन्होंने पारिवारिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और स्वस्थ पारिवारिक वातावरण के लिए जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यक्रम में जिले के शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा सौ से अधिक प्रतिभागी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा

