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नशा मुक्ति भारत अभियान के तहत कोकराझार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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नशा मुक्ति भारत अभियान के तहत कोकराझार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित


कोकराझार (असम), 18 सितम्बर (हि.स.)। नशा मुक्ति भारत अभियान के तहत अवैध एवं प्रतिबंधित मादक पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम को लेकर शुक्रवार को कोकराझार स्थित BTCLA ऑडिटोरियम हॉल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) द्वारा कोसेडा-राज्य स्तरीय समन्वय एजेंसी (एसएलसीए), ड्रग्स रोकथाम – असम और मेघालय एमएसटीई के तहत, भारत सरकार, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) गुवाहाटी जोन तथा कोकराझार जिला प्रशासन के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम में बीटीसी की कार्यकारी सदस्य मून मून ब्रह्मा, एमसीएलए जुबिराज बसुमतारी, बीटीसी सचिव भास्कर ज्योति मंता सहित जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, एनसीबी, वीसीडीसी अध्यक्ष एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम से जुड़े चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

ीटीसीब सचिव भास्कर ज्योति मंता ने अपने संबोधन में मादक पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए निरंतर जागरूकता और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कोकराझार के उप पुलिस अधीक्षक ने मादक पदार्थों के सेवन से व्यक्ति, परिवार और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राजमार्ग, रेलवे संपर्क तथा सीमावर्ती क्षेत्रों से निकटता के कारण कोकराझार अवैध मादक पदार्थों की आवाजाही के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 से अब तक असम में मादक पदार्थों से संबंधित मामलों में 26 हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 13 हजार से अधिक मामले दर्ज हुए हैं और करीब 3,300 करोड़ रुपये मूल्य के अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।

कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों में नशे के व्यवहारिक एवं विदड्रॉल प्रभाव, लंबे समय तक मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले मनोवैज्ञानिक प्रभाव तथा उपलब्ध उपचार पद्धतियों पर जानकारी दी गई। इसके अलावा एनडीपीएस अधिनियम, 1985, अवैध मादक पदार्थों की जब्ती, असम में नशे के सेवन की स्थिति एवं प्रवृत्ति तथा एनएपीडीडीआर योजना और नशा मुक्ति भारत अभियान से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम के अंत में बीटीसी की कार्यकारी सदस्य मून मून ब्रह्म ने उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। इसके बाद कार्यक्रम का पोस्ट-इवैल्यूएशन और धन्यवाद ज्ञापन किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा