पूसीरे ने मालीगांव रेलवे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाया
गुवाहाटी, 23 मार्च (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) द्वारा रेलवे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मालीगांव में बुनियादी ढांचे तथा शैक्षणिक सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए उल्लेखनीय रूप से कई अपग्रेडेशन कार्य किए गए हैं। इस पहल के अंतर्गत कक्षा एक से 23वीं तक के कुल 19 कक्षाओं में पुराने फर्नीचर जैसे डेस्क, बेंच, टेबल एवं कुर्सियों को पूर्णतः नए आधुनिक कक्षा फर्नीचरों से बदल दिय गया है। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों के कॉमन रूम के लिए नए टेबल एवं कुर्सियां उपलब्ध कराई गई हैं, साथ ही पुस्तकालय एवं स्टाफ क्षेत्रों में भी कैबिनेट एवं सोफा सेट सहित फर्नीचरों का अपग्रेड किया गया है। ये अपग्रेड विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के लिए अधिक आरामदायक तथा अनुकूल शिक्षण एवं कार्य का माहौल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए गए हैं।
पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने साेमवार काे बताया कि डिजिटल शिक्षण क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए 06 स्मार्ट बोर्ड क्रय कर उच्च कक्षाओं में स्थापित किए गए हैं तथा शेष कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड के स्थापना की प्रक्रिया जारी है। पूसीरे के महाप्रबंधक सहित जोन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम ने बीते 20 मार्च को विद्यालय का दौरा कर नए फर्नीचर एवं स्मार्ट बोर्ड का निरीक्षण किया तथा किए गए उन्नयन कार्यों पर संतोष व्यक्त किया।
ज्ञात हो कि, इससे पूर्व 20 फरवरी को महाप्रबंधक द्वारा पूर्णतः नवीनीकृत विद्यालय का उद्घाटन किया गया था, जिसमें नए कक्षाओं का निर्माण, खेल मैदान का नए सिरे से विकास, प्रवेश द्वार एवं प्रार्थना कक्ष का नवीनीकरण, शौचालयों का उन्नयन, सीढ़ियों पर ग्रेनाइट लगाना, चारदीवारी का सुदृढ़ीकरण, दरवाजों एवं खिड़कियों का नवीनीकरण तथा नए कॉरिडोर का निर्माण शामिल है। ये व्यापक सुधार विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए एक सुरक्षित, स्वच्छ एवं छात्रों के अधिक अनुकूल शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने में एनएफआर की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
रेलवे उच्चतर माध्यमिक स्कूल, मालीगांव को पूर्व के एसईबीए (सेबा) बोर्ड से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पाठ्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2024 में किया गया है, जो छात्रों के शैक्षणिक मानकों एवं अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परिवर्तन विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में अधिक सक्षम बनाएगा।
उल्लेखनीय है कि, रेलवे द्वारा संचालित संस्थान होने के बावजूद यह विद्यालय रेलवे एवं गैर-रेलवे दोनों वर्गों के विद्यार्थियों, जिसमें बीपीएल श्रेणी के विद्यार्थी भी शामिल हैं, को नाममात्र शुल्क पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है। वर्तमान में विद्यालय में लगभग 07 प्रतिशत रेलवे तथा 93 प्रतिशत गैर-रेलवे विद्यार्थियों का नामांकन है, जो इसके समावेशी दृष्टिकोण एवं व्यापक समुदाय के बीच बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। --------------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

