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'चंद्र और सूर्य रहने तक जीवित रहेगी असमिया भाषा' : मुख्यमंत्री सरमा

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'चंद्र और सूर्य रहने तक जीवित रहेगी असमिया भाषा' : मुख्यमंत्री सरमा


गुवाहाटी, 13 जून (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को असमिया भाषा और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि चंद्र और सूर्य रहने तक असमिया भाषा जीवित रहेगी। मुख्यमंत्री आज दिसपुर लोकभवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग असम से प्रेम करते हैं, उन्हें आगामी जनगणना में अपनी भाषा के रूप में असमिया दर्ज करानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि घर में असमिया भाषा का प्रयोग नहीं किया जाता, तो केवल जनगणना में असमिया लिखने से कोई विशेष लाभ नहीं होगा।

डॉ. सरमा ने कहा कि चर-चापोरी परिषद को यह बताने की आवश्यकता नहीं है कि जनगणना में कौन-सी भाषा लिखी जाए। उन्होंने कहा कि भाषा का चयन लोगों की वास्तविक भाषाई पहचान के आधार पर होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की मुख्य समस्याएं ‘लैंड जिहाद’ और ‘लव जिहाद’ हैं। साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी को भी असमिया समाज को कमजोर नहीं समझना चाहिए।

असमिया भाषा, जनसांख्यिकीय मुद्दों और राज्य की पहचान से जुड़े विषयों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त हुए मुख्यमंत्री ने ये टिप्पणियां कीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश