home page

असम में वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, आठ स्वर्ण लंगूर बचाए गए, नौ गिरफ्तार

 | 
असम में वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, आठ स्वर्ण लंगूर बचाए गए, नौ गिरफ्तार


चिरांग (असम), 20 जून (हि.स.)। असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चिरांग जिले में सक्रिय एक अंतरराज्यीय एवं सीमा-पार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस अभियान में नौ संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया गया तथा आठ दुर्लभ स्वर्ण लंगूर (गोल्डन लंगूर) को जीवित बचाया गया।

एसटीएफ ने गुवाहाटी से प्राप्त खुफिया सूचना के आधार पर सिडली क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर देर रात अभियान चलाया। सिडली पुलिस के सहयोग से एक महिंद्रा स्कॉर्पियो और एक टाटा नैनो वाहन को रोका गया, जिनमें इन संरक्षित वन्यजीवों को अवैध रूप से ले जाया जा रहा था।

तलाशी के दौरान आठ स्वर्ण लंगूर जीवित पाए गए, जबकि एक लंगूर मृत अवस्था में मिला। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अमानवीय और अत्यंत खराब परिवहन परिस्थितियों के कारण उसकी मौत हुई।

गिरफ्तार किए गए नौ आरोपितों में एक बांग्लादेशी नागरिक, पांच पश्चिम बंगाल के निवासी तथा तीन असम के निवासी हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वन्यजीव तस्करी में संलिप्त है।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, स्वर्ण लंगूरों को चिरांग जिले के नव-अधिसूचित चिकना झ्व्वलाओ राष्ट्रीय उद्यान से अवैध रूप से पकड़ा गया था। आशंका है कि कुछ वन अतिक्रमणकारियों ने इन जानवरों को पकड़कर तस्करी गिरोह को बेच दिया, जिसके बाद इन्हें राज्य और देश की सीमाओं से बाहर ले जाने की तैयारी की जा रही थी।

स्वर्ण लंगूर भारत के सबसे दुर्लभ प्राइमेट प्रजातियों में से एक है। यह केवल पश्चिमी असम और भूटान के दक्षिणी क्षेत्रों में पाया जाता है। इस प्रजाति को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अनुसूची-1 में शामिल कर सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया है।

बचाए गए सभी लंगूरों को चिकित्सकीय जांच, उपचार और पुनर्वास के लिए असम वन विभाग को सौंप दिया गया है। वहीं, एसटीएफ और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) संयुक्त रूप से गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटे हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

----------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश