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गुवाहाटी में ऐतिहासिक वृंदावनी वस्त्र रखने के लिए म्यूजियम की रखी गई नींव

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गुवाहाटी में ऐतिहासिक वृंदावनी वस्त्र रखने के लिए म्यूजियम की रखी गई नींव


गुवाहाटी, 22 फरवरी (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार काे राजधानी के खानपारा में एक खास कल्चरल म्यूजियम की नींव रखी, जिसमें ऐतिहासिक वृंदावनी वस्त्र रखा जाएगा। यह राज्य सरकार की इस पवित्र वस्त्र को असम वापस लाने की कोशिशों में एक बड़ा कदम है।

कल्चरल म्यूजियम प्रोजेक्ट का भूमि पूजन और औपचारिक उद्घाटन समारोह वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, सांस्कृतिक हस्तियों और आम लोगों की मौजूदगी में हुआ।

वृंदावनी वस्त्र 16वीं सदी का बुना हुआ वस्त्र है, जिसे पारंपरिक रूप से वैष्णव संत-विद्वान श्रीमंत शंकरदेव से जोड़ा जाता है। इस वस्त्र पर भगवान कृष्ण के जीवन के सीन दिखाए गए हैं और इसे असमिया बुनाई और भक्ति कला का मास्टरपीस माना जाता है। अभी राज्य के बाहर सुरक्षित रखा गया, यह असम के लिए बहुत ऐतिहासिक, धार्मिक और कलात्मक महत्व रखता है।

इकट्ठा हुए लोगों को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि गुवाहाटी में एक वर्ल्ड-क्लास म्यूजियम बनाने से यह पक्का होगा कि पवित्र वस्त्र को इंटरनेशनल कंजर्वेशन स्टैंडर्ड के हिसाब से सुरक्षित, क्लाइमेट-कंट्रोल्ड माहौल में दिखाया जाए। उन्होंने कहा कि यह पहल असम की अपनी सभ्यता की विरासत को वापस पाने और बचाने के कमिटमेंट को दिखाती है।

अधिकारियों ने बताया कि म्यूजियम में मॉडर्न आर्काइवल सुविधाएं, एग्जिबिशन गैलरी और इंटरप्रिटेशन सेंटर होंगे ताकि विजिटर्स को वस्त्र से जुड़ी सामाजिक-सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के बारे में बताया जा सके। इस प्रोजेक्ट से असम की वैष्णव परंपराओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ कल्चरल टूरिज़्म को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सरकार ने दोहराया कि वृंदावनी वस्त्र की वापसी को आसान बनाने की तैयारी चल रही है और नींव रखने के समारोह को राज्य को उसकी सबसे कीमती ऐतिहासिक कलाकृतियों में से एक से फिर से जोड़ने में एक अहम मील का पत्थर बताया।

यह कार्यक्रम असम की समृद्ध कलात्मक विरासत का जश्न मनाते हुए पारंपरिक रस्मों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ खत्म हुआ। ---------------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय