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चुनाव 26 : यूपीपीएल ने जारी किया घोषणापत्र, सबको साथ लेकर विकास का वादा

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चुनाव 26 : यूपीपीएल ने जारी किया घोषणापत्र, सबको साथ लेकर विकास का वादा


कोकराझार, 02 अप्रैल (हि.स.)। यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने गुरुवार को कोकराझार में, 9 अप्रैल को असम में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया। इस घोषणापत्र में बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (बीटीआर) में सबको साथ लेकर विकास, शांति और सामाजिक-आर्थिक उत्थान पर केंद्रित कई तरह के वादे किए गए हैं।

इस घोषणापत्र को पार्टी अध्यक्ष प्रमोद बोडो ने कोकराझार में पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में औपचारिक रूप से जारी किया। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए, बोडो ने इस दस्तावेज को आम लोगों का घोषणापत्र बताया। उन्होंने कहा कि इसे अलग-अलग पक्षों (स्टेक होल्डर्स) के साथ बड़े पैमाने पर बातचीत करके तैयार किया गया है और यह इस क्षेत्र के अलग-अलग समुदायों की आकांक्षाओं को दर्शाता है।

चुनाव में शानदार प्रदर्शन का भरोसा जताते हुए, बोडो ने कहा कि पार्टी को जबरदस्त जीत हासिल करने और असम में वंचितों के हित वाली, लोगों पर केंद्रित सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाने की पूरी उम्मीद है। घोषणापत्र का एक मुख्य उद्देश्य बातचीत, सबको साथ लेकर चलने वाले शासन और उप-मंडल स्तर पर शांति समितियां बनाकर समुदायों के बीच शांति और सद्भाव बनाए रखना है। पार्टी ने बीटीआर शांति समझौता, 2020 को पूरी तरह से लागू करने में तेज़ी लाने का भी वादा किया, और संवैधानिक तथा संस्थागत मजबूती के लिए जाेर दिया। इसमें 60 एमसीएलए निर्वाचन क्षेत्र बनाना और बीटीआर प्रशासन को सीधे केंद्र से फंड देना शामिल है।

जमीन और सामुदायिक अधिकारों के मामले में, यूपीपीएल ने जमीन-विहीन योग्य परिवारों को जमीन के पट्टे (पट्टा) देने और लंबे समय से अटके ज़मीन से जुड़े मुद्दों को सुलझाने का वादा किया। इसने स्कूलों में पढ़ाई के माध्यम के तौर पर राभा, कोच-राजबंशी और संताली भाषाओं को बढ़ावा देने का भी प्रस्ताव रखा, साथ ही सभी समुदायों के धार्मिक संस्थानों और नेताओं को सहयोग देने की बात कही।

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में, घोषणापत्र में छात्रवृत्तियां जैसी पहल को बढ़ाने, बाक्सा में केंद्रीय विश्वविद्यालय और उदालगुरी में एनआईटी जैसे संस्थान स्थापित करने और एम्बुलेंस सेवाओं, कैंसर देखभाल सहायता तथा अस्पतालों में पर्याप्त कर्मचारियों के ज़रिए स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने की योजनाओं पर प्रकाश डाला गया है।

पार्टी ने सामाजिक कल्याण पर भी ज़ोर दिया, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए आर्थिक सहायता, दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सहयोग, और अलग-अलग धर्मों के तीर्थयात्रियों के लिए योजनाएं शामिल हैं। युवाओं को सशक्त बनाने की पहलें, जैसे कौशल प्रशिक्षण केंद्र, फेलोशिप कार्यक्रम और रोज़गार से जुड़ा प्रशिक्षण देने का भी वादा किया गया। आर्थिक विकास के लिए, यूपीपीएल ने सड़कों, पुलों, सिंचाई प्रणालियों और औद्योगिक पार्कों सहित बुनियादी ढांचे के विकास का वादा किया है। घोषणापत्र में कृषि को बढ़ावा देने के उपाय भी शामिल हैं, जैसे किसानों की आय दोगुनी करना, सिंचाई का विस्तार करना, खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देना और बेहतर बाजार पहुंच सुनिश्चित करना।

पर्यावरण संरक्षण को भी प्रमुखता दी गई है, जिसमें इस क्षेत्र के राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों की रक्षा करने की प्रतिबद्धताएं शामिल हैं, साथ ही मानव-हाथी संघर्ष को कम करने और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की नीतियां भी हैं। 9 अप्रैल को होने वाले मतदान के मद्देनज़र यूपीपीएल ने उन सभी निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं से अपील की है जहां वह चुनाव लड़ रहे है, कि वे एक शांतिपूर्ण, विकसित और समावेशी बीटीआर के लिए पार्टी के दृष्टिकोण का समर्थन करें।-----------------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय