home page

असम में नौ अगस्त से शुरू होगा बाढ़ प्रभावित मकानों का सर्वे, नगालैंड में खनन का मुद्दा केंद्र के समक्ष उठाएंगे : हिमंत

 | 
असम में नौ अगस्त से शुरू होगा बाढ़ प्रभावित मकानों का सर्वे, नगालैंड में खनन का मुद्दा केंद्र के समक्ष उठाएंगे : हिमंत


गुवाहाटी, 04 अगस्त (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने मंगलवार को घोषणा की कि बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों का विस्तृत सर्वेक्षण नौ अगस्त से शुरू किया जाएगा, ताकि प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत एवं पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

शिवसागर और चराईदेव जिलों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो दिनों से वह प्रभावित लोगों से मिल रहे हैं और उन्हें हरसंभव सरकारी सहायता का भरोसा दिलाया गया है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गई सूची का सत्यापन किया जा चुका है तथा लगभग एक लाख बाढ़ प्रभावित लाभार्थियों की पहचान कर ली गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्थापित परिवारों के लिए फिलहाल राहत शिविरों में अस्थायी व्यवस्था की गई है, जबकि पात्र लाभार्थियों के क्षतिग्रस्त मकानों का पुनर्निर्माण सरकार की पुनर्वास योजना के तहत कराया जाएगा।

जलभराव की समस्या पर उन्होंने कहा कि ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर सामान्य से अधिक होने के कारण पानी की निकासी धीमी हो गई है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्गों ने प्राकृतिक जल प्रवाह को बाधित किया है। इस समस्या के समाधान के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) से अतिरिक्त क्रॉस-ड्रेनेज संरचनाएं बनाने का आग्रह किया जाएगा।

नगालैंड में खनन गतिविधियों के कारण असम में बाढ़ की स्थिति बिगड़ने संबंधी सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि असम सरकार को दूसरे राज्य में खनन रोकने का अधिकार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि असम में कोई अवैध खनन नहीं हो रहा है और इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन आवश्यक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नगालैंड स्वयं भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां स्थानीय लोग भूमि उपलब्ध कराएंगे, वहां संवेदनशील क्षेत्रों में तटबंधों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने दीर्घकालिक बाढ़ नियंत्रण के लिए जनसहयोग को आवश्यक बताया।

विपक्षी विधायक अखिल गोगोई द्वारा बाढ़ पीड़ितों के लिए अधिक मुआवजे की मांग पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने कहा कि सरकार भी चाहती है कि लोगों को अधिक सहायता मिले, लेकिन वित्तीय संसाधनों की व्यावहारिक सीमाओं को भी ध्यान में रखना पड़ता है।

अखिल गोगोई पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बाढ़ के पानी में तैरते हुए एक वीडियो बनाया, लेकिन सवाल यह है कि उन्होंने कितने लोगों को बचाया।

----------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश