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असम में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी 2027 को, मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की प्रक्रिया 2 नवंबर तक होगी पूरी

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गुवाहाटी, 16 अक्टूबर (हि.स.)। असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण और मतदान केंद्रों के युक्तिसंगत पुनर्गठन का कार्यक्रम घोषित किया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, सुलभ, समावेशी और त्रुटिरहित बनाना तथा सभी पात्र मतदाताओं के लिए मतदान की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर से शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार, इस प्रक्रिया के तहत मौजूदा मतदान केंद्रों और मतदाता सूची के संबंधित भागों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद मतदान केंद्रों का युक्तिसंगत पुनर्गठन और आवश्यकतानुसार नए केंद्रों की स्थापना की जाएगी।

निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों को अतिरिक्त मतदान केंद्रों की आवश्यकता का आकलन करने का निर्देश दिया गया है। भारत निर्वाचन आयोग की पूर्व अनुमति के बिना किसी मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या 1,200 से अधिक नहीं होगी। नए मतदान केंद्र प्रस्तावित करने से पहले आसपास के केंद्रों के बीच मतदाताओं का संतुलित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रत्येक मतदान केंद्र का क्षेत्राधिकार स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी मतदाता को अपने निर्धारित मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़े अथवा प्राकृतिक बाधाओं को पार न करना पड़े। सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मतदान केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर भूतल पर स्थापित किया जाएगा।

मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन

उच्च भवनों, समूह आवासीय परिसरों, सामुदायिक सुविधाओं वाले आवासीय कल्याण संघों तथा शहरी झुग्गी-बस्तियों में मतदान केंद्रों के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए निर्वाचन आयोग के 22 सितंबर, 2023 के दिशानिर्देशों के अनुरूप व्यापक सर्वेक्षण किया जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से मौजूदा और प्रस्तावित सभी मतदान केंद्रों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करेंगे। इस दौरान भवनों की स्थिति, उपयुक्तता और निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच की जाएगी। नामित अधिकारी सत्यापन के संबंध में प्रमाणपत्र जारी करेंगे।

नए मतदान केंद्रों के प्रस्तावों को अंतिम रूप देने से पहले मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से परामर्श किया जाएगा। इसके बाद समेकित प्रस्तावों को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, असम के माध्यम से निर्वाचन आयोग की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मतदान केंद्रों के स्थान परिवर्तन के प्रस्ताव भी भौतिक सत्यापन के बाद ही नए स्थान के अक्षांश और देशांतर के विवरण के साथ भेजे जाएंगे।

अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे

निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रपत्र-7 और अन्य लागू प्रावधानों के माध्यम से दोहरी प्रविष्टियों, मृत मतदाताओं तथा स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नामों की पहचान कर उन्हें हटाने की कार्रवाई करेंगे। निरंतर अद्यतन प्रक्रिया के दौरान प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले किया जाएगा।

मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्यक्रम

निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, मतदान केंद्रों का युक्तिसंगत पुनर्गठन और पुनर्व्यवस्थापन 2 नवंबर, 2026 तक पूरा किया जाएगा। एकीकृत प्रारूप मतदाता सूची 12 नवंबर को प्रकाशित होगी।

दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 12 नवंबर से 11 दिसंबर, 2026 तक निर्धारित की गई है। इनका निपटारा 28 दिसंबर, 2026 तक पूरा किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी, 2027 को प्रकाशित की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कार्यालय और जिला निर्वाचन अधिकारी पुनरीक्षण प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी देने तथा सुझाव प्राप्त करने के लिए राजनीतिक दलों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखेंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी मतदाताओं, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और अन्य संबंधित पक्षों से इस प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता बढ़ाना, मतदान केंद्रों तक पहुंच आसान बनाना तथा प्रत्येक पात्र मतदाता को अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने में सहायता प्रदान करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश