तीवा जनजाति का कृषि आधारित लखमी आदरा उत्सव का आयोजन 22 से
मोरीगांव (असम), 16 अप्रैल (हि.स.)। प्रत्येक पांच वर्ष बाद तीवा जनजाति का कृषि आधारित उत्सव लुखुमी यांगली यानी लखमी आदरा उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस बार भी तीवा जनजातियों का दिल कहा जाने वाला जिला कार्बी आंगलोंग के उमसुआई के आमसांग पिनुंग में तीन दिवसीय कार्यक्रमों के साथ आगामी 22, 23 और 24 अप्रैल को विशेष कृषि आधारित उत्सव संपन्न होगा। इस बीच लखमी आदरा की तैयारी गांववालों ने पहले ही शुरू कर दी है।
पहाड़ और मैदानी इलाकों में रहने वाले तीवा लोगों के साथ सभी स्तर के लोगों को इस उत्सव में शामिल होने के लिए आयोजन समिति ने आमंत्रित किया है। जागीरोड के ऐतिहासिक गोभा देवराजा चारीभाई देवशाल शिवस्थान में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर इस बात की सूचना दी।
संवाददाता सम्मेलन में गोवा राजा दीपसिंग देवराजा, गोभा देवराजा राजदरबार प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नगेन कोंवर, सचिव जुरसिंग बोरदोलोई, सदस्य द्विपेन कोंवर, अमर बोरदोलोई, कार्बी आंगलोंग जिले के उमसुआई के आमसांग पिनुंग गांव के लिमचिंग पोमा, सानजाई माशलाई आदि कई लोग उपस्थित थे। इस दौरान बताया गया कि इस बार का उत्सव काफी आकर्षक और शानदार होगा। इसकी तैयारी अपने अंतिम चरण में है।------------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

