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असम: कक्षा में छात्रों को आपत्तिजनक सामग्री दिखाने के आरोप में शिक्षक गिरफ्तार

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असम: कक्षा में छात्रों को आपत्तिजनक सामग्री दिखाने के आरोप में शिक्षक गिरफ्तार


धुबड़ी (असम), 24 फरवरी (हि.स.)। धुबड़ी जिले में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक को कक्षा के भीतर नाबालिग छात्रों को कथित रूप से आपत्तिजनक सामग्री दिखाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। घटना के सामने आने के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

आरोपित शिक्षक अब्दुल खालेक, जो बालूरचर क्षेत्र स्थित 989 नंबर राष्ट्रभाषा हिंदी प्राथमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत थे, को मंगलवार को धुबड़ी सदर पुलिस ने अभिभावकों की शिकायत के आधार पर हिरासत में लिया। वर्ष 1949 में स्थापित यह विद्यालय 3 नंबर बालूरचर क्षेत्र के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक माना जाता है।

मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ छात्र कथित रूप से मानसिक रूप से व्यथित अवस्था में घर लौटे और अपने अभिभावकों को पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत के अनुसार, शिक्षक पर आरोप है कि उन्होंने विद्यालय समय के दौरान अपने मोबाइल फोन का उपयोग कर कक्षा में नाबालिग छात्रों को अशोभनीय और अनुचित तस्वीरें दिखाईं।

चिंतित अभिभावकों ने वार्ड आयुक्त जॉयदेब कृष्ण पाल से संपर्क कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। मंगलवार सुबह वार्ड आयुक्त विद्यालय पहुंचे और प्रधानाध्यापक राकेश राय को आरोपों की जानकारी दी।

घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक विद्यालय परिसर में एकत्रित हो गए और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को देखते हुए विद्यालय प्रशासन और वार्ड आयुक्त ने पुलिस को सूचित किया। धुबड़ी सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपित शिक्षक को हिरासत में ले लिया।

आरोपित को विद्यालय परिसर से बाहर ले जाते समय अभिभावकों ने कड़ी सजा की मांग करते हुए नारेबाजी की। कई अभिभावकों ने इसे शिक्षक और छात्र के बीच विश्वास के पवित्र संबंध के साथ विश्वासघात बताया।

पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपित से धुबड़ी सदर थाना में पूछताछ शुरू कर दी है। वार्ड आयुक्त जॉयदेब कृष्ण पाल ने मामले की गहन जांच, जिसमें शिक्षक के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच भी शामिल हो, कराने की मांग की है ताकि आरोपों की सत्यता की पुष्टि की जा सके।

प्रधानाध्यापक राकेश राय ने अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) को औपचारिक रिपोर्ट भेजी जाएगी और सेवा नियमों के अनुसार स्थायी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।

स्थानीय नेताओं ने भी विद्यालय समय के दौरान शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों द्वारा मोबाइल फोन के उपयोग की कड़ी निगरानी की आवश्यकता पर जोर देते हुए नाबालिग छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने की मांग की है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश