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असम सरकार और आईएफपीआरआई के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

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असम सरकार और आईएफपीआरआई के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर


-कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए रिसर्च और नई तकनीक पर ध्यान जरूरी : पीयूष हजारिका

गुवाहाटी, 07 अक्टूबर (हि.स.)। असम में कृषि क्षेत्र में बदलाव, जलवायु अनुकूलन और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के उद्देश्य से बुधवार को दिसपुर स्थित लोक सेवा भवन में असम सरकार और इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईएफपीआरआई) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। राज्य के कृषि एवं सिंचाई मंत्री पीयूष हजारिका और मुख्य सचिव डॉ. रवि कोटा की मौजूदगी में हुए समझौते के तहत कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में संयुक्त शोध, नीति सहयोग और संस्थागत क्षमता निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा।

एमओयू का उद्देश्य किसानों की आय और पोषण स्तर में सुधार के लिए साक्ष्य आधारित जानकारी तैयार करना तथा राज्य की कृषि नीतियों को मजबूत करना है। इसके तहत जलवायु अनुकूल कृषि, बाढ़ के प्रभावों का अध्ययन, चावल आधारित खेती में विविधीकरण, चाय, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

लोक सेवा भवन के काजीरंगा कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री पीयूष हजारिका ने कहा कि असम की करीब 75 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है। राज्य में कृषि भूमि सीमित होने के कारण उपलब्ध भूमि से अधिक उत्पादन हासिल करने के प्रयास किए जाने चाहिए। इसके लिए किसानों के बीच शोध और नई तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना जरूरी है।

हजारिका ने कहा कि राज्य सरकार बागवानी क्षेत्र पर विशेष जोर दे रही है। बागवानी को बढ़ावा देने से किसानों को बेहतर आय के अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने असम सरकार और आईएफपीआरआई के बीच साझेदारी का स्वागत करते हुए कहा कि शोध, साक्ष्य जुटाने और संस्थागत क्षमता निर्माण के माध्यम से यह सहयोग कृषि क्षेत्र के विकास के प्रयासों को मजबूती देगा।

एमओयू के तहत कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के कार्यक्रमों का रणनीतिक मूल्यांकन, जलवायु परिवर्तन और बाढ़ से निपटने के उपायों का विश्लेषण, छोटे चाय उत्पादकों को सहायता, उच्च मूल्य वाली कृषि वैल्यू चेन का विकास तथा विशेष रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मत्स्य पालन और जल निकाय आधारित आजीविका को मजबूत करने जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगा।

समझौते में दोनों पक्षों की प्राथमिकताओं के अनुरूप संयुक्त रूप से संसाधन जुटाने और परियोजना प्रस्ताव तैयार करने का प्रावधान भी किया गया है। विशिष्ट गतिविधियों को परियोजना-विशेष समझौतों के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा।

इस साझेदारी के जरिए असम सरकार की विकास प्राथमिकताओं को कृषि एवं खाद्य नीति से संबंधित आईएफपीआरआई के शोध, विश्लेषण और वैश्विक विशेषज्ञता से जोड़ा जाएगा। इससे राज्य में कृषि विकास के लिए साक्ष्य आधारित दृष्टिकोण को मजबूत करने और अधिक विविध, लचीली तथा बाजारोन्मुख कृषि अर्थव्यवस्था के निर्माण में मदद मिलने की उम्मीद है।

मुख्य सचिव डॉ. रवि कोटा ने स्वागत भाषण दिया। आईएफपीआरआई की ओर से भारत सरकार के पूर्व सचिव टी. नंदकुमार ने अपने विचार रखे।

समारोह में कृषि विभाग की आयुक्त अरुणा राजोरिया, आईएफपीआरआई के दक्षिण एशिया के कार्यवाहक निदेशक डॉ. अविनाश किशोर सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी और संस्थान के प्रतिनिधि मौजूद रहे।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय