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समग्र शिक्षा, असम ने छह प्रमुख संगठनों के साथ एमओयू पर किए हस्ताक्षर

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समग्र शिक्षा, असम ने छह प्रमुख संगठनों के साथ एमओयू पर किए हस्ताक्षर


गुवाहाटी, 04 सितंबर (हि.स.)। समग्र शिक्षा, असम ने असम के स्कूली शिक्षा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), टेक्नोलॉजी और इनोवेटिव एजुकेशन सॉल्यूशन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए छह प्रमुख संगठनों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह औपचारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार को राज्य मिशन कार्यालय, समग्र शिक्षा, असम में आयोजित किया गया था।

असम के शिक्षा मंत्री डॉ. रनोज पेगु मुख्य अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में शामिल हुए। समारोह में मिशन निदेशक, समग्र शिक्षा, असम; कार्यकारी निदेशक, समग्र शिक्षा, असम; विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी), समग्र शिक्षा, असम और भाग लेने वाले संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

इन एमओयू पर मिशन निदेशक, समग्र शिक्षा, असम और छह संगठनों के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए। इन साझेदारियों का उद्देश्य एआई और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके शिक्षकों की क्षमता को मजबूत करना, बुनियादी शिक्षा में सुधार करना, मूल्यांकन प्रणालियों को बेहतर बनाना, डिजिटल क्रिएटिविटी और इनोवेशन को बढ़ावा देना और स्कूल से बाहर के किशोरों के नामांकन और उन्हें स्कूल में बनाए रखने में मदद करना है।

साझेदार संगठनों में गुगल एआई, आईआईटी मद्रास – बोधन एआई, एलईएचएस – वाधवानी एआई, फाउंडेशन टू एजुकेट गर्ल्स ग्लोबली (एजुकेट गर्ल्स), एकस्टेप – एक्सएल, कैनवा शिक्षा शामिल हैं।

इन छह एमओयू (समझौता ज्ञापनों) पर हस्ताक्षर करना असम की स्कूली शिक्षा प्रणाली को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, पर्सनलाइज़्ड लर्निंग (हर बच्चे की ज़रूरत के हिसाब से पढ़ाई), टेक्नोलॉजी-आधारित मूल्यांकन, शिक्षकों की क्षमता बढ़ाना और स्कूल से बाहर रह रहे बच्चों तक पहुंचने के लिए नए तरीके अपनाना शामिल है।

इन साझेदारियों के ज़रिए, 'समग्र शिक्षा, असम' का मकसद एक ऐसा शिक्षा इकोसिस्टम बनाना है जो ज़्यादा टेक्नोलॉजी-आधारित, समावेशी और सीखने वाले (छात्र) पर केंद्रित हो। साथ ही, इसका मकसद शिक्षकों को सशक्त बनाना और पूरे राज्य में बच्चों और किशोरों के लिए सीखने के बेहतर मौके उपलब्ध कराना भी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय