ननै महाविद्यालय में ‘नशामुक्त युवा’ और ‘मेरा स्वास्थ्य, मेरा गौरव’ कार्यक्रम
- दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
नगांव (असम), 25 सितंबर (हि.स.)। ननै महाविद्यालय में शुक्रवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में भारत सरकार के युवा कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत ‘नशामुक्त युवा’ और ‘मेरा स्वास्थ्य, मेरा गौरव’ विषय पर राष्ट्रीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके साथ ही माई भारत केंद्र, नगांव के सहयोग से पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती भी मनाई गई। दिनभर चले कार्यक्रम में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर के साथ स्वास्थ्य, पोषण और नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम का संचालन ननै महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बसंत बोरा ने किया। समाजसेवी घनकांत बोरा की परिकल्पना के तहत कठियातली स्थित पूर्ण मेडिकल के सहयोग से नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित हुआ। शिविर का उद्घाटन करते हुए घनकांत बोरा ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के लिए शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना बेहद जरूरी है। स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक बनकर देश के विकास में योगदान देना युवाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
स्वास्थ्य शिविर में महाविद्यालय की एनएसएस इकाई के स्वयंसेवकों के साथ छात्र-छात्राओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। चिकित्सक डॉ. हसीना रहमान की देखरेख में सहयोगी स्वास्थ्य परिचारिकाओं ने स्वास्थ्य परीक्षण और अन्य सेवाएं प्रदान कीं।
दोपहर बाद समय पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती और व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संसाधन व्यक्ति के रूप में ननै महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मुकुट मणि सैकिया ने दीनदयाल उपाध्याय के जीवन, कार्यों और विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण में दीनदयाल उपाध्याय के योगदान को भी रेखांकित किया।
चिकित्सक डॉ. प्रीतिष साहा ने ‘पोषण और अच्छे स्वास्थ्य का महत्व’ विषय पर व्याख्यान देते हुए संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रोटीनयुक्त भोजन और संतुलित आहार के साथ स्वस्थ सोच, विवेकपूर्ण व्यवहार और सकारात्मक जीवनशैली भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि पौष्टिक भोजन की कमी और जंक फूड का अत्यधिक सेवन शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
माई भारत केंद्र, नगांव के लेखा अधिकारी धनंजय तालुकदार ने ‘नशे की लत, जीवन पर इसका प्रभाव और समाधान’ विषय पर जागरूकतामूलक वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित करने के साथ परिवार और सामाजिक जीवन में भी अव्यवस्था पैदा कर सकती है। कई बार अस्थायी आनंद के लिए शुरू किया गया नशे का सेवन धीरे-धीरे आदत का रूप ले लेता है और इसके दुष्प्रभाव व्यक्ति के साथ-साथ पूरे परिवार और समाज पर पड़ सकते हैं।
उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए घर में अनुशासन, सकारात्मक वातावरण और अभिभावकों की जिम्मेदार भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को बच्चों की समस्याओं को मित्रवत तरीके से समझने और उनका समाधान करने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों के माध्यम से युवा पीढ़ी को सही दिशा देने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में ननै महाविद्यालय के प्राध्यापकों, प्राध्यापिकाओं, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने सहयोग किया। महाविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही भारत सरकार की संबंधित संस्था द्वारा ननै महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई को विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का अवसर प्रदान करने के लिए भी धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

