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असम में ‘निजुत मोइना’ योजना का होगा विस्तार, बीएससी नर्सिंग और जीएनएम के छात्र भी पाएंगे आर्थिक सहायता

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असम में ‘निजुत मोइना’ योजना का होगा विस्तार, बीएससी नर्सिंग और जीएनएम के छात्र भी पाएंगे आर्थिक सहायता




गुवाहाटी, 15 अक्टूबर (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को घोषणा की कि अगले साल ‘निजुत मोइना’ योजना का विस्तार किया जाएगा। इसके तहत बीएससी नर्सिंग और जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों को भी आर्थिक सहायता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा गुवाहाटी के ज्योति-विष्णु ऑडिटोरियम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की। कार्यक्रम में ‘निजुत मोइना’ और ‘निजुत बाबू’ योजनाओं के तहत विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता की पहली किस्त वितरित की गई। इस मौके पर छात्रों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया।

राज्य सरकार की इन योजनाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देकर उनकी पढ़ाई जारी रखने में मदद करना है। ‘निजुत मोइना’ योजना के प्रस्तावित विस्तार से नर्सिंग जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों को भी लाभ मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री की इस घोषणा से उन विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो नर्सिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए पढ़ाई कर रहे हैं। हालांकि, योजना के विस्तार से जुड़ी पात्रता और सहायता राशि के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

शिक्षा विभाग के अधिकारी नारायण कोंवर के अनुसार, ‘निजुत मोइना’ योजना के तहत अब तक पूरे असम में लगभग 6.13 लाख छात्राओं को लाभ दिया जा चुका है। यह योजना छात्राओं को शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।

दुर्गा पूजा से पहले दोनों योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता की पहली किस्त वितरित किए जाने को विद्यार्थियों के लिए ‘त्योहारी उपहार’ के रूप में पेश किया गया। राज्य सरकार का उद्देश्य आर्थिक सहायता के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना और शिक्षा तक उनकी पहुंच बढ़ाना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय