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एनएचएम असम और क्षेत्रीय मीडिया हाउसों ने टीबी-मुक्त भारत के लिए जताई एकजुटता

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एनएचएम असम और क्षेत्रीय मीडिया हाउसों ने टीबी-मुक्त भारत के लिए जताई एकजुटता


गुवाहाटी, 27 फरवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) मुक्त भारत अभियान के आह्वान के आधार पर शुक्रवार को गुवाहाटी के एनएचएम कॉन्फ्रेंस हॉल में एक दिवसीय मीडिया संवेदनशीलता कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में मीडिया हाउसों (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया ताकि टीबी-मुक्त भारत की दिशा में सामाजिक स्तर पर कार्रवाई को बढ़ावा दिया जा सके।

असम के स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. उमेश फांगचो ने टीबी मुक्त भारत अभियान में मीडिया के महत्व पर जोर दिया। टीबी से संबंधित कलंक को कम करने, सही संदेश फैलाने और राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत उपलब्ध विभिन्न योजनाओं के बारे में समुदायों को जागरूक करने की आवश्यकता पर उन्होंने बल दिया। उन्होंने मीडिया हाउस और संबंधित विभागों से प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिवारों को जागरूक करने, पोषण, मनोवैज्ञानिक, पेशेवर और जीविका समर्थन प्रदान करने का आग्रह किया।

मीडिया से बातचीत में असम एनएचएम के मिशन डायरेक्टर डॉ. लक्ष्मणन एस. ने असम में चल रहे टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने टीबी के उपचार के लिए सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली मुफ्त सेवाओं की जानकारी फैलाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि माइक्रोस्कोपी की तुलना में प्रारंभिक एनएएटी टेस्ट में प्रगति हो रही है, जिससे रिपोर्ट समय कम होगा और टीबी का सही निदान किया जा सकेगा।

बैठक में विभिन्न क्षेत्रीय मीडिया हाउसों के पत्रकार, एनएचएम असम के अधिकारी, राज्य क्षय रोग अधिकारी, विकास भागीदार सहित अन्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन 'नि-क्षय मित्रों' के लिए आह्वान के साथ हुआ- ऐसे व्यक्ति या संगठन जो टीबी मरीजों को अपनाने और अतिरिक्त पोषण और मनोवैज्ञानिक समर्थन प्रदान करने के इच्छुक हों।------------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय