बाढ़ संकट के बीच असम में रेल सेवा बहाल, शिमलगुड़ी सेक्शन पर ट्रेनों की आवाजाही शुरू
गुवाहाटी, 07 अगस्त (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) ने तिनसुकिया मंडल के अधीन शिवसागर ज़िले के शिमलगुड़ी और आस-पास के क्षेत्रों में हालिया बाढ़ से क्षतिग्रस्त रेल पटरियों को सफलतापूर्वक ठीक कर लिया गया है, जिससे प्रभावित क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी पुनर्बहाल हो गई है। खराब मौसम और बाढ़ की मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद पूसीरे की इंजीनियरिंग टीमों के निरंतर प्रयासों से यह पुनर्बहाली कार्य पूरा हुआ। अब उचित संरक्षा उपायों के साथ चरणबद्ध तरीके से ट्रेन का परिचालन पुनः शुरू हो गया है।
पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने शुक्रवार काे बताया कि रेल पटरियों को ठीक कर लिया गया है फिर भी जल जमाव होने की वजह से बच्चों समेत कई परिवार सहित स्थानीय लोग अपने सामान और मवेशियों के साथ रेल पटरियों या उसके आस-पास ही शरण लिए हुए हैं। मानवीय चिंताओं को ध्यान में रखते हुए और लोगों की सुरक्षा को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता देते हुए, पूसीरे ने निर्णय लिया कि मरम्मत हो चुके सेक्शन पर प्रारंभिक तौर पर केवल डीज़ल इंजन वाली ट्रेनें ही चलाई जाएंगी। यह अस्थायी कदम इसलिए उठाया गया है, ताकि ऊपर लगे बिजली उपकरणों से बिजली का झटका लगने का खतरा न रहे और हालात सामान्य होने तक बाढ़ से प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
संशोधित परिचालन योजना के तहत, ट्रेन संख्या 15669 गुवाहाटी- डिब्रूगढ़ नगालैंड एक्सप्रेस, ट्रेन संख्या 15603/15604 गुवाहाटी- लीडो- गुवाहाटी इंटरसिटी एक्सप्रेस, ट्रेन संख्या 15967/15968 रंगिया- लीडो- रंगिया इंटरसिटी एक्सप्रेस, ट्रेन संख्या 75601/75602 लामडिंग- तिनसुकिया- लामडिंग डेमू और ट्रेन संख्या 55914 तिनसुकिया- जोरहाट टाउन पैसेंजर जैसी लोकल ट्रेनें वाया मरानहाट होकर चलेंगी। लंबी दूरी की ट्रेनें, सामान्य परिचालन पूर्णतः बहाल न होने तक परिवर्तित मार्ग वाया उत्तर लखिमपुर- रंगापाड़ा नॉर्थ- रंगिया होकर ही चलती रहेंगी।
व्यवधान अवधि के दौरान ऊपरी असम आने-जाने वाले यात्रियों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए, पूसीरे द्वारा नियमित अंतराल पर स्पेशल ट्रेनों का परिचालन भी किया जा रहा है। इन स्पेशल सेवाओं ने पुनर्बहाल कार्य होने के दौरान यात्रियों के लिए एक बेहतर विकल्प प्रदान किया है और सामान्य रूप से रूट पूर्णतः चालू न होने तक यह विकल्प रेल कनेक्टिविटी को बरकरार रखेगी।
पूसीरे की समर्पित कार्यबल के बेहतर तालमेल से बहाली का कार्य पूरा किया गया। रेलवे मुख्यालय और तिनसुकिया मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में, 700 से ज़्यादा कर्मचारियों ने भारी मशीनरी, इंजीनियरिंग के सामान, राहत सामग्री और अन्य आवश्यक संसाधनों की मदद से विभिन्न क्षतिग्रस्त सेक्शनों पर चौबीसों घंटे कार्य किया। बड़ी संख्या में मानव शक्ति, मशीनरी और सामग्रियों के उपयोग से मरम्मत करने वाली टीमें सुरक्षित, तेज़ और कुशलतापूर्वक रेल पटरियों को पुनर्बहाल किया गया। पूसीरे जल्द से जल्द ट्रेनों का सामान्य परिचालन शुरू करने को प्रतिबद्ध है, साथ ही यात्रियों की सुरक्षा और स्थानीय समुदाय की भलाई को सर्वाधिक प्राथमिकता दी जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

