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स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत पूसीरे में श्रमदान और पौधरोपण अभियान

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स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत पूसीरे में श्रमदान और पौधरोपण अभियान


गुवाहाटी, 01 अक्टूबर (हि.स.)। स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत गुरुवार को पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) में सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य रेल परिसरों में स्वच्छता की संस्कृति, पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदारी और जन-भागीदारी को मज़बूत करना था।

पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया है कि पूसीरे के सभी पांच मंडलों कटिहार, अलीपुरद्वार, रंगिया, लामडिंग और तिनसुकिया ने रेलवे स्टेशनों, कार्यालयों और अन्य रेल परिसरों में स्वच्छता अभियान और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्रमदान, शपथ ग्रहण और जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण अभियान भी आयोजित किए गए, जिससे पर्यावरण का पहलू जुड़ने के साथ-साथ रेलवे के आसपास के माहौल को हरा-भरा और स्वच्छ बनाए रखने को बढ़ावा मिला।

यात्रियों और आम लोगों को भी इस अभियान में हिस्सा लेने और रेल परिसरों को स्वच्छ एवं साफ़-सुथरा बनाए रखने में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। जागरूकता गतिविधियों और जन-भागीदारी के माध्यम से, इस अभियान ने यह संदेश मजबूत करने का प्रयास किया कि स्वच्छता एक सामूहिक ज़िम्मेदारी है और इसे केवल सामूहिक भागीदारी से ही बरकरार रखा जा सकता है।

गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर, पूसीरे मुख्यालय और गुवाहाटी स्टेशन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। रेलवे बोर्ड के प्रधान कार्यकारी निदेशक (रोलिंग स्टॉक) भी स्वच्छता गतिविधियों में पूसीरे के अधिकारियों और रेल कर्मचारियों के साथ शामिल हुए। कार्यक्रम में उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर श्रमदान किया और स्टेशन पर स्वच्छता और साफ़-सफ़ाई को बेहतर बनाने में योगदान दिया। पौधारोपण अभियान भी चलाए गए, जिससे स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण की स्थिरता का संदेश भी दिया गया।

पूसीरे निर्माण संगठन ने भी स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान में भाग लिया। निर्माण संगठन के अधीन विभिन्न कार्यालयों और परियोजना स्थलों पर बड़े पैमाने पर श्रमदान, जागरूकता और पौधारोपण गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने रेलवे के आसपास के माहौल को अधिक स्वच्छ, हरा-भरा और स्थायी बनाए रखने में सक्रिय योगदान दिया।

पूसीरे में की गई इन पहलों ने स्वच्छता, पर्यावरण की स्थिरता, जन-जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी के प्रति रेल परिवार की प्रतिबद्धता को पुनः मजबूत किया। इस अभियान ने रेल अधिकारियों, कर्मचारियों, यात्रियों और आम लोगों को सफाई के प्रयासों में सक्रिय रूप से योगदान देने और स्वच्छता, सेवा एवं सामूहिक ज़िम्मेदारी की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान में लोगों की जागरूकता और भागीदारी बढ़ी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय