आरपीएफ ने पूसीरे में सफल अपराध-रोधी कार्रवाई के ज़रिए रेल सुरक्षा तंत्र को किया मज़बूत
गुवाहाटी, 12 जुलाई (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ/रेसुब) ने 7 और 8 जुलाई को अपने क्षेत्राधिकार में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब की ढुलाई, मोबाइल चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की। अभियान के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को समय पर मानवीय सहायता भी उपलब्ध कराई गई।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) कपिंजल किशोर शर्मा ने रविवार को बताया कि आरपीएफ ने सरकारी रेल पुलिस (जीआरपी), आबकारी विभाग, बाल कल्याण अधिकारियों तथा अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ संयुक्त अभियान चलाकर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान पूसीरे के अधीन विभिन्न रेलवे स्टेशनों से करीब 15 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 7.60 लाख रुपये है। इसके अलावा अलग-अलग मामलों में ट्रेनों और रेलवे परिसरों से 20 हजार रुपये से अधिक मूल्य की 185 शराब की बोतलें भी जब्त की गईं। इन मामलों में आरोपितों को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसियों के हवाले कर दिया गया।
मोबाइल चोरी के मामलों में भी आरपीएफ को उल्लेखनीय सफलता मिली। अभियान के दौरान कई आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लगभग 1.04 लाख रुपये मूल्य के सात मोबाइल फोन बरामद किए गए। बरामद मोबाइल और आरोपितों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सरकारी रेल पुलिस को सौंप दिया गया।
आरपीएफ ने मानवीय दायित्व निभाते हुए विभिन्न रेलवे स्टेशनों से छह लड़कों और एक लड़की सहित कुल सात नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। बाद में सभी बच्चों को पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए संबंधित बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) और चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, समय पर की गई इस कार्रवाई से बच्चों को संभावित शोषण और अन्य जोखिमों से बचाया जा सका।
इसी दौरान रेलवे स्टेशन पर अस्वस्थ अवस्था में मिले एक बुजुर्ग यात्री की भी आरपीएफ कर्मियों ने तत्काल सहायता की। उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर उनकी पहचान सुनिश्चित की गई और प्राथमिक उपचार के लिए उन्हें रेलवे स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। बाद में बेहतर उपचार के लिए रेलवे एंबुलेंस के माध्यम से उच्च चिकित्सा संस्थान भेजा गया। साथ ही उनके परिजनों को भी तत्काल सूचना देकर पूरी स्थिति से अवगत कराया गया।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने कहा कि रेलवे सुरक्षा बल की ये लगातार कार्रवाइयां यात्रियों की सुरक्षा, रेल परिसंपत्तियों की रक्षा और रेलवे परिसरों में सुरक्षित वातावरण बनाए रखने की उसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी निगरानी तंत्र को और मजबूत करते हुए गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा तथा जरूरतमंद यात्रियों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाती रहेगी।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

