पूसीरे के रेसुब ने चलाया तस्करी-रोधी, टिकट जांच और प्रवर्तन अभियान
-अप्रैल, 2026 में 2.45 करोड़ से अधिक की राशि बरामद
गुवाहाटी, 08 मई (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अप्रैल 2026 के दौरान पूरे ज़ोन में यात्रियों की सुरक्षा को मज़बूत करने, गैर-कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने और एक सुरक्षित रेल वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में अपने प्रयासों को निरंतर जारी रखा। इस महीने के दौरान आरपीएफ/पूसीरे ने रेल अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 3081 मामले दर्ज किए और रेल परिसर में गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए 3000 से अधिक अपराधियों पर मुकदमा दायर किया गया। आरपीएफ ने टिकट जांच अभियानों में भी सहायता की, जिसके परिणामस्वरूप 1074 बिना टिकट यात्रियों की पहचान की गयी और 10 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने आज बताया है कि प्रवर्तन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए, आरपीएफ/पूसीरे ने नशीले पदार्थों की तस्करी के 33 मामले पकड़े। ये सभी गांजा, ब्राउन शुगर और कफ सिरप से संबंधित थे। इसकी कीमत 2.35 करोड़ से अधिक आंकी गयी थी। इसके अलावा, अवैध शराब की तस्करी के मामलों में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया। दलालों के खिलाफ चलाए गए अभियानों में, चार दलालों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से 47 रेल टिकट जब्त किए गए, जिसकी कीमत 1.43 लाख से ज़्यादा थी। इसके अलावा रेल संपत्ति की चोरी में शामिल 32 लोगों को पकड़ा गया और उनके पास से चोरी किया गया रेलवे का सामान बरामद किया गया। इसकी कीमत 2.10 लाख से ज़्यादा थी।
यात्रियों के बचाव और सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत आरपीएफ/पूसीरे ने यात्रियों के सामान की चोरी में शामिल 28 लोगों को पकड़ा और चोरी का सामान बरामद किया, जिसमें 44 मोबाइल फोन भी शामिल हैं। इसकी कीमत 6.19 लाख से अधिक है। आरपीएफ ने इस महीने के दौरान चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाओं में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया और 16 अवैध प्रवासियों को पकड़ा। इसके अलावा, लगभग 1.40 करोड़ रुपये का छूटा हुआ 113 सामान बरामद किया गया और उचित सत्यापन के बाद यात्रियों को लौटा दिया गया। औसतन, पूरे ज़ोन में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ कर्मियों द्वारा प्रतिदिन 53 ट्रेनों को एस्कॉर्ट किया गया।
प्रवर्तन गतिविधियों के साथ-साथ अपनी मानवीय प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करते हुए, आरपीएफ ने 80 नाबालिग लड़कों और लड़कियों के साथ-साथ चार महिलाओं को रेस्क्यू किया और उन्हें सुरक्षित रूप से चाइल्ड लाइन, एनजीओ, माता-पिता और पुलिस अधिकारियों को सौंप दिया। आरपीएफ स्वच्छता और जन सहायता पहलों में भी सक्रिय रूप से शामिल रहा, जिसके दौरान रेल परिसर में कूड़ा फैलाने के लिए 1596 लोगों पर कार्रवाई की गई। रेलवे संचालन को सुचारू और सुरक्षित सुनिश्चित करने के लिए ज़ोन के कई स्थानों पर अतिक्रमण विरोधी अभियान भी चलाए गए।---------------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

