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पूसीरे ने रिकॉर्ड रूफटॉप सोलर क्षमता हासिल किया, इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार

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पूसीरे ने रिकॉर्ड रूफटॉप सोलर क्षमता हासिल किया, इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार


गुवाहाटी, 05 फरवरी (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान अक्षय ऊर्जा अपनाने, विद्युत ट्रैक्शन और परिचालन संरक्षा के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है, जो सतत, कुशल और सुरक्षित रेल परिचालन के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।

पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने गुरुवार काे बताया कि हरित ऊर्जा पहलों को प्रमुख बढ़ावा देते हुए, वित्तीय वर्ष 2025–26 के दिसंबर, 2025 तक पूसीरे में 9.27 एमडब्ल्यूपी क्षमता के रूफटॉप सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। यह उपलब्धि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की समान अवधि की तुलना में 373% अधिक है और वर्ष 2011–12 के बाद से किसी एक वित्तीय वर्ष में स्थापित की गई रूफटॉप सोलर क्षमता का अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड भी है। इसके अतिरिक्त, 31 दिसंबर 2025 तक पूसीरे में कुल सौर ऊर्जा क्षमता बढ़कर 18.4 एमडब्ल्यूपी हो गई है, जिससे ऊर्जा की उल्लेखनीय बचत तथा कार्बन फुटप्रिंट में कमी आई है।

विद्युत ट्रैक्शन कार्यों के अंतर्गत, इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की ट्रिप जांच को सुगम बनाने तथा परिचालन विश्वसनीयता में सुधार के लिए न्यू जलपाईगुड़ी और डिब्रूगढ़ में ट्रिप निरीक्षण शेड क्रमशः 20 अगस्त, 2025 और 27 नवंबर, 2025 को चालू किए गए हैं। साथ ही, ट्रेन संरक्षा को सुदृढ़ करते हुए, पूसीरे के कुल 285 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के बेड़े में 81 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव में स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ स्थापित किया जा चुका है।

स्वच्छ ट्रैक्शन की दिशा में परिवर्तन के तहत, 31 जोड़ी ट्रेनों को डीज़ल ट्रैक्शन से एंड टू एंड विद्युत ट्रैक्शन में परिवर्तित किया गया है, जिससे 26 डीजल लोकोमोटिव की बचत हुई है तथा ऊर्जा दक्षता एवं परिचालन स्थिरता में वृद्धि हुई है।

प्रशिक्षण और संरक्षा जागरूकता के क्षेत्र में ट्रेन क्रू के कार्य संबंधी ज्ञान को बेहतर बनाने के लिए न्यू बंगाईगांव लॉबी में ऑटोमैटिक ब्लॉक सिस्टम का एक कार्यशील मॉडल विकसित कर स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त, रनिंग स्टाफ के बीच रूट लर्निंग और स्थिति अनुसार जागरूकता बढ़ाने के लिए कटिहार, अलीपुरद्वार, रंगिया और तिनसुकिया मंडलों में रात्रि समय के दौरान सेक्शनल वीडियोग्राफी की व्यवस्था शुरू की गई है।

ये पहलें हरित ऊर्जा, आधुनिक ट्रैक्शन, क्षमता निर्माण और उन्नत संरक्षा की दिशा में पूसीरे के केंद्रित दृष्टिकोण को रेखांकित करती हैं, जो पूरे क्षेत्र में अधिक मजबूत और कुशल रेल परिचालन में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।------------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय