पूसीरे ने माल परिवहन के लिए रंगापानी-बागडोगरा लाइन किया चालू
गुवाहाटी, 01 नवंबर (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) ने कटिहार मंडल के अधीन 6.8 किलोमीटर लंबी रंगापानी-बागडोगरा साइडिंग लाइन को नियमित माल परिवहन के लिए चालू कर दिया है। इससे इस क्षेत्र में माल की आवाजाही आसान हो गई है और माल ढुलाई कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। लंबे समय से बंद पड़े इस लाइन को काफी कम लागत में पुनः चालू किया गया। इस तरह, माल ढुलाई की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए मौजूदा रेल बुनियादी ढांचे का प्रभावी उपयोग किया गया है।
पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने रविवार काे बताया कि इस विकास के साथ, पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) से आने वाली और फारबिसगंज होकर पूसीरे में प्रवेश करने वाली ट्रेनों को अब सिलीगुड़ी जंक्शन पर दिशा बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस रिवर्सल को समाप्त करने से काफी ऊर्जा की बचत होगी, रोलिंग स्टॉक का अनावश्यक ठहराव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और रिवर्सल कार्यों के लिए क्रू तथा शंटिंग स्टाफ की आवश्यकता भी कम हो जाएगी।
इस नई परिचालन व्यवस्था से पूसीरे को ईसीआर से फारबिसगंज में प्रतिदिन कम से कम 10 ट्रेनें मिल सकेगी, जिसे बारसोई के आगे के गंतव्यों तक भेजा जा सकेगा। इससे माल ढुलाई की क्षमता और परिचालन दक्षता में काफी सुधार होगा, साथ ही ट्रेनों की आवाजाही तेज होगी और रोलिंग स्टॉक का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
यह अतिरिक्त फ्रेट रूट परिचालन में अधिक लचीलापन और रेलवे संसाधनों का अधिक कुशल उपयोग प्रदान करता है। इस क्षेत्र के व्यापारियों, व्यवसायों और उपभोक्ताओं को इससे माल की अधिक विश्वसनीय परिवहन में मदद मिलने और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं के मजबूत होने की उम्मीद है। इस पहल से एनएफआरको अतिरिक्त माल परिवहन को हैंडल करने और मौजूदा परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग के माध्यम से राजस्व अर्जित करने का अवसर भी मिला है।
यह परिवर्तन एनएफआर के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में, कटिहार मंडल और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से पूरा किया गया। यह टीम वर्क और मौजूदा परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग के माध्यम से सेवाओं को उन्नत बनाने पर एनएफआरके निरंतर फोकस को दर्शाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

