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पूसीरे जोन में रायगंज सहित 14 रेल कोच रेस्टोरेंट संचालित

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पूसीरे जोन में रायगंज सहित 14 रेल कोच रेस्टोरेंट संचालित


गुवाहाटी, 01 मार्च (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) अपने नवाचार पहल रेल कोच रेस्टोरेंट को पूरे जोन में लगातार सुदृढ़ कर रहा है। इस पहल के अंतर्गत वर्तमान में प्रमुख स्थानों पर 14 थीम आधारित रेस्टोरेंट संचालित हो रहे हैं। ये विशिष्ट आहार सुविधाएं कटिहार और जोगबनी, रायगंज, दार्जिलिंग, मालदा कोर्ट, न्यू कोचबिहार, राजा भात खावा, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी रोड और न्यू माल के साथ-साथ गुवाहाटी, उजानबाजार, कोकराझार और न्यू तिनसुकिया में यात्रियों काे प्रदान कर रही हैं। इन रेस्टोरेंट्स की बढ़ती लोकप्रियता यात्री सुविधाओं को रचनात्मक एवं सतत पहलों के माध्यम से सुदृढ़ करने के प्रति पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने रविवार काे बताया कि इस अवधारणा को और आगे बढ़ाते हुए पूसीरे ने कटिहार मंडल के अंतर्गत रायगंज रेलवे स्टेशन पर 5 वर्ष की अवधि के लिए रेल कोच रेस्टोरेंट के संचालन का अनुबंध प्रदान किया है। यह रेलवे के लिए सतत गैर-किराया राजस्व सृजन को बढ़ावा देने के साथ-साथ यात्री सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और प्रगतिशील कदम है।

रायगंज स्थित यह रेल कोच रेस्टोरेंट एक विशिष्ट रेलवे-थीम आधारित भोजन स्थल के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसे एक नवीनीकृत रेलवे कोच से विकसित किया गया। यह रेस्टोरेंट रेलवे की पुरानी आकर्षक स्मृतियों को आधुनिक आतिथ्य मानकों के साथ समन्वित करता है। यह सुविधा न केवल रेल यात्रियों बल्कि स्थानीय निवासियों एवं आगंतुकों की आवश्यकताओं को भी पूरा करेगी, जिससे क्षेत्र में यह एक आकर्षक एवं समावेशी आहार स्थल के रूप में विकसित होगा।

यह पहल बेकार पड़े रेलवे की कोचों का सृजनात्मक उपयोग करते हुए उन्हें आकर्षक रेस्टोरेंट में परिवर्तित करने तथा रेल विरासत को संरक्षित रखने की पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। पूरे ज़ोन में रेल कोच रेस्टोरेंट्स अपने विशिष्ट वातावरण, गुणवत्तापूर्ण भोजन और ग्राहक अनुकूल सेवा के लिए प्रशंसनीय साबित हुई है।

यह पहल यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि करने के साथ-साथ उल्लेखनीय रोजगार का अवसर सृजित करती है, जिससे स्थानीय आर्थिक विकास एवं सामुदायिक प्रगति को बढ़ावा मिलता है। यह पूसीरे के नवाचार, सतत विकास तथा रेल परिसंपत्तियों के प्रभावी एवं यात्री-केंद्रित उपयोग के माध्यम से दीर्घकालिक जनहित सुनिश्चित करने की मजबूत प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय