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सतर्कता जागरूकता सप्ताह, 2026 के दौरान पूसीरे का “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” को बढ़ावा

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सतर्कता जागरूकता सप्ताह, 2026 के दौरान पूसीरे का “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” को बढ़ावा


गुवाहाटी, 25 अक्टूबर (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) द्वारा 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक 'सतर्कता जागरूकता सप्ताह' मनाया जाएगा। इसके माध्यम से रेल प्रशासन में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया जाएगा। केंद्रीय सतर्कता आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, 'सत्य निष्ठा से समृद्धि' विषय पर आधारित इस आयोजन में रेल कर्मचारी, छात्र और आम जनता कई कार्यक्रमों के जरिए सम्मिलित होंगे तथा नैतिक आचरण के महत्व और भ्रष्टाचार के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई पर जोर दिया जाएगा।

पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने रविवार काे बताया कि इस सप्ताह की शुरुआत 26 अक्टूबर को मालीगांव स्थित पूसीरे मुख्यालय और महाप्रबंधक (निर्माण) कार्यालय में सत्यनिष्ठा की शपथ लेने के साथ होगी। इन दोनों स्थानों पर भ्रष्टाचार से लड़ने में ईमानदारी और सामूहिक ज़िम्मेदारी का संदेश देने के लिए वॉकथॉन आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा, 27 अक्टूबर को कामाख्या कोचिंग डिपो में एक नुक्कड़ नाटक का मंचन किया जाएगा, जो लोगों तक पहुंचने की एक दिलचस्प पहल के माध्यम से सतर्कता के प्रति जागरूकता को और अधिक बढ़ावा देगा।

28 अक्टूबर को सतर्कता बुलेटिन का विमोचन किया जाएगा। इसके बाद अनुबंध प्रबंधन में निवारक सतर्कता विषय पर एक कार्यशाला आयोजित होगी। इस कार्यशाला में कार्यों के निष्पादन और अनुबंध प्रबंधन में पारदर्शिता को मजबूत करने तथा अनियमितताओं को रोकने के उपायों पर प्रकाश डाला जाएगा। युवाओं तक यह संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से, 29 अक्टूबर को मालीगांव स्थित नेताजी विद्यापीठ रेलवे एचएस स्कूल और 30 अक्टूबर को रेलवे हायर सेकेंडरी स्कूल, मालीगांव में निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, ताकि छात्रों को ईमानदारी और सत्यनिष्ठा जैसे मूल्यों को समझने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

यह आयोजन 17 अगस्त से 16 नवंबर तक पूसीरे के मुख्यालय, मंडलों और निर्माण संगठन में चलाए जा रहे तीन महीने के व्यापक निवारक सतर्कता अभियान का हिस्सा है। जागरूकता, भागीदारी और निवारक उपायों के माध्यम से, पूसीरे का लक्ष्य दैनिक कामकाज में सत्यनिष्ठा को शामिल करना और एक पारदर्शी, जवाबदेह तथा नागरिक-केंद्रित रेलवे प्रशासन में जनता के विश्वास को मजबूत करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय