पूसीरे ने किया बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण
गुवाहाटी, 25 अप्रैल (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) अपने बुनियादी ढांचे की निरंतर निगरानी और आधुनिकीकरण के माध्यम से रेल परिचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है। पूरे ज़ोन में ट्रेनों की सुरक्षित और कुशल आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत प्रणालियों को अपनाना इसका एक प्रमुख फोकस क्षेत्र बना हुआ है।
पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने शनिवार काे बताया कि चालू वर्ष के मार्च माह के दौरान, पूसीरे ने सिग्नलिंग और सुरक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं। जोन के कटिहार, अलीपुरद्वार, रंगिया और लामडिंग मंडलों के पांच स्टेशनों पर क्लैम्प प्रकार लॉकिंग के साथ थिक वेब स्विच प्वाइंट मशीनें स्थापित की गई हैं। कटिहार, अलीपुरद्वार और तिनसुकिया मंडलों के सात स्टेशनों पर सिस्टम इंटीग्रिटी परीक्षण किया गया, जबकि सभी मंडलों में 32 लेवल क्रॉसिंग गेटों को कवर करते हुए व्यापक सिस्टम इंटीग्रिटी परीक्षण अभियान भी पूरा किया गया। इसके अतिरिक्त, लामडिंग और रंगिया मंडलों में कई लेवल क्रॉसिंग गेटों को परिचालन सुरक्षा बढ़ाने के लिए इंटरलॉक किया गया है।
सिग्नलिंग अवसंरचना को और सुदृढ़ करते हुए, कटिहार, लामडिंग और रंगिया मंडलों के विभिन्न लेवल क्रॉसिंग गेटों पर 10 स्लाइडिंग बूम स्थापित किए गए हैं। तिनसुकिया मंडल के 02 स्टेशनों पर ऑटोमैटिक फायर डिटेकशन एवं अलार्म सिस्टम चालू की गई है, जिसमें 02 स्थानों पर उन्नत एस्पिरेशन प्रकार प्रणालियों में अपग्रेडेशन भी शामिल है। इसके अलावा, तिनसुकिया मंडल के 02 लेवल क्रॉसिंग गेटों पर पुराने यांत्रिक प्रणालियों को बदलकर इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर स्थापित किए गए हैं, जिससे रेल-सड़क क्रॉसिंग पर सुरक्षा में सुधार हुआ है।
सिग्नलिंग केबल की मेगरिंग 11 स्टेशनों और 12 लेवल क्रॉसिंग गेटों पर की गई है, ताकि विश्वसनीयता और उपयुक्त इन्सुलेशन प्रदर्शन सुनिश्चित किया जा सके। सुरक्षा उपकरणों की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए सभी मंडलों में विभिन्न क्षमताओं की कुल 1,258 सिग्नलिंग बैटरियों को बदला गया है। इसके साथ ही, पूरे जोन में 246 ग्लूड जॉइंट्स और 92 इंटीग्रेटेड प्रकार के सिग्नल एलईडी का प्रतिस्थापन भी किया गया है। इसके अतिरिक्त, अलीपुरद्वार मंडल के गौरीपुर स्टेशन पर सिस्टम की सुरक्षा और स्थिरता बढ़ाने के लिए बेहतर अर्थिंग व्यवस्था प्रदान की गई है।
ये अवसंरचनात्मक उन्नयन सुरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने, विश्वसनीयता में सुधार करने तथा रेलवे संचालन की समग्र क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पूसीरे अपनी अवसंरचना की निरंतर निगरानी और सुदृढ़ीकरण के माध्यम से यात्रियों को अधिक सुरक्षित, कुशल और समयनिष्ठ यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

