मैकेनिकल विभाग पूसीरे के विकास को दे रहा गति
गुवाहाटी, 04 अप्रैल (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) के मैकेनिकल विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान संरक्षा, आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार पर विशेष ध्यान देते हुए कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की है। परिचालन के स्तर पर, पूसीरे ने अपनी रखरखाव क्षमताओं को सुदृढ़ किया, रेल सेवाओं का विस्तार किया और कोच क्षमता को बढ़ाया जिससे समग्र कार्यक्षमता में बढ़ावा होने से यात्रियों को एक सुरक्षित, अधिक विश्वसनीय तथा यात्री-केंद्रित यात्रा का अनुभव सुनिश्चित हुआ है।
पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने शनिवार काे बताया कि ट्रेन के भीतर मौजूद संरक्षा प्रणालियों में किए गए सुधारों से अग्नि सुरक्षा मानकों का स्तर अपग्रेड हुआ है, जबकि रखरखाव की प्रक्रियाओं और बुनियादी ढांचे में हुई प्रगति ने सेवाओं की विश्वसनीयता और गुणवत्ता को बेहतर बनाने में योगदान दिया है। निर्दिष्ट परिसंपत्तियों के व्यापक नवीनीकरण और कोचिंग स्टॉक के आधुनिकीकरण जैसे प्रमुख उपलब्धियों ने परिचालन की तत्परता, यात्रियों के आराम और स्वच्छता के स्तर को और अधिक उन्नत किया है; जिससे सुरक्षित, कुशल और ग्राहक-केंद्रित रेल सेवाएं प्रदान करने के प्रति एनएफआर की प्रतिबद्धता काफी सुदृढ़ हुई है।
ऑपरेशनल विस्तार और आधुनिकीकरण के मामले में, पूसीरे ने पहली बार कई उपलब्धियां हासिल की हैं। कामाख्या कोचिंग डिपो में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का रखरखाव शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा, इस ज़ोन में आठ अमृत भारत ट्रेनों का रखरखाव भी शुरू हो गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए, न्यू बंगाईगांव और न्यू गुवाहाटी में दो नए सेल्फ-प्रोपेल्ड एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल इक्विपमेंट (एसपीएआरएमई) चालू किए गए हैं। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, 21 ट्रेनों में 22 कोच बढ़ाए गए हैं। रंगिया मंडल में एक टेस्ट रेक भी चालू किया गया है, ताकि इलेक्ट्रॉनिक इन-मोशन वे ब्रिज (ईआईएमडब्ल्यूबी) में वज़न की सटीकता बेहतर हो सके। इससे ऑपरेशल क्षमता और भी मज़बूत होगी।
एक प्रमुख संरक्षा कदम के तहत, कोचों के इलेक्ट्रिकल पैनलों में 3416 एयरोसोल-आधारित फायर सप्रेशन सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही, सभी पैंट्री और पावर कारों में मौजूद मैनुअल फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम को सफलतापूर्वक ऑटोमैटिक सिस्टम में अपग्रेड कर दिया गया है, जिससे ट्रेन के अंदर सुरक्षा के मानकों में काफी सुधार हुआ है।
एक ऐतिहासिक उपलब्धि के तौर पर, नवंबर 2025 में न्यू बंगाईगांव कारखाना में पहली बार टावर कार का पीओएच सफलतापूर्वक पूरा किया गया। रखरखाव की क्षमताओं को और मजबूत करते हुए, न्यू बंगाईगांव कारखाना में एलएचबी कोचों का मिड-लाइफ रिहैबिलिटेशन (एमएलआर) शुरू हो गया है। उम्मीद है कि पहला अपग्रेडेड कोच अप्रैल 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगा। यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 49 राजधानी एक्सप्रेस कोचों का नवीनीकरण किया गया, जबकि स्वच्छता और आराम के मानकों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से डिब्रूगढ़ कारखाना में अवध असम एक्सप्रेस के सभी सात रेकों का भी नवीनीकरण किया गया।
ये उपलब्धियां पूसीरे के नवाचार, संरक्षा और यात्रियों के बेहतर अनुभव पर निरंतर जोर को उजागर करती हैं, जिससे वित्त वर्ष 2025-26 उल्लेखनीय प्रगति के वर्ष के रूप में चिह्नित होता है।---------------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

