पूसीरे भारत स्काउट्स एंड गाइड्स ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद को बढ़ाया हाथ
गुवाहाटी, 31 जुलाई (हि.स.)। मानवीय सेवा और सामुदायिक कल्याण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दिखाते हुए, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सदस्यों ने हाल ही में असम में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए बाढ़ राहत सामग्री इकट्ठा करने और वितरण करने की एक विशेष पहल शुरू की है। इस अभियान के तहत, 27 से 31 जुलाई तक मालीगांव स्थित रेलवे मुख्यालय में एक 'बाढ़ राहत संग्रह और वितरण बूथ' स्थापित किया गया। राहत सामग्री इकट्ठा करने के इस अभियान का औपचारिक उद्घाटन 27 जुलाई को पूसीरे के प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी ने किया, जिसमें अन्य वरिष्ठ अधिकारी और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सदस्य भी मौजूद थे। इसपहल में रेल कर्मचारियों और सदस्यों ने पूरे दिल से हिस्सा लिया और बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए आवश्यक राहत सामग्री का उदारतापूर्वक योगदान दिया।
पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने आज बताया है कि पूसीरे और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, मरियानी डिस्ट्रिक्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने राहत सामग्री इकट्ठा करने के काम को आगे बढ़ाते हुए शिवसागर और जोरहाट ज़िलों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्रियां बांटी। टीम ने बाढ़ प्रभावित परिवारों तक ज़रूरी राहत सामग्री पहुंचाई और मुश्किलों का सामना कर रहे लोगों को समय पर मदद और नैतिक सहयोग प्रदान किया। स्वयंसेवकों ने स्थानीय लोगों से बातचीत की और यह सुनिश्चित किया कि राहत सामग्री जरूरतमंदों तक पहुंचे। इससे स्काउट्स एंड गाइड्स की सेवा के मुख्य मूल्यों - समाज के प्रति सेवा, करुणा और निःस्वार्थ समर्पण की झलक दिखी।
पूसीरे न केवल अपने यात्रियों, बल्कि ज़रूरत के समय पूरे क्षेत्र के समुदायों की सेवा करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। पूसीरे भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की यह पहल सामाजिक ज़िम्मेदारी और सामूहिक सेवा की भावना का उत्तम उदाहरण है, जो जरूरत पड़ने पर हर स्थान पर मदद पहुंचाने के संगठन के आदर्श वाक्य को और अधिक मज़बूत करती है। ऐसे सार्थक मानवीय प्रयासों के ज़रिए, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पूर्वोत्तर के लोगों के साथ एनएफआर एकजुटता के साथ खड़ा है और राहत, पुनर्वास और समुदाय की सहनशक्ति बढ़ाने में अपना अहम योगदान देता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

